Yoga Day 2026: क्या आप भी खाना खाने के तुरंत बाद या गलत समय पर कर रहे हैं योग?

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर विशेषज्ञों ने सचेत किया है कि योग हमेशा सुबह खाली पेट ही करना चाहिए। भोजन और योग के बीच 3 घंटे का अंतर जरूरी है। गलत समय या गलत पोस्चर में योग करने से पाचन तंत्र खराब होने और मांसपेशियों में चोट लगने का गंभीर खतरा रहता है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 21 June 2026, 4:25 PM IST
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New Delhi: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के विशेष अवसर पर आज पूरी दुनिया सेहत और निरोगी काया का जश्न मना रही है। लोग बढ़-चढ़कर पार्कों, घरों और सामूहिक शिविरों में योगाभ्यास कर रहे हैं। योग को प्राचीन काल से ही स्वस्थ जीवन जीने का सबसे अचूक और प्रभावी साधन माना गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर योग को सही समय, सही नियम और सही तरीके से न किया जाए, तो यह वरदान की जगह आपके शरीर के लिए एक बड़ा अभिशाप भी बन सकता है? हेल्थ एक्सपर्ट्स और योग गुरुओं के अनुसार, अधूरी जानकारी के साथ किया गया योगाभ्यास सीधे आपके पाचन तंत्र और मांसपेशियों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है।

खाली पेट या खाना खाने के बाद?

अक्सर लोगों के मन में यह उलझन रहती है कि योग कब करना चाहिए। आयुर्वेद और योग विज्ञान के अनुसार, योग करने का सबसे सर्वोत्तम समय 'ब्रह्ममुहूर्त' यानी सूर्योदय से ठीक पहले सुबह का होता है। इस समय योग हमेशा पूरी तरह खाली पेट ही करना चाहिए। अगर आपने सुबह भारी भोजन (हैवी ब्रेकफास्ट) कर लिया है, तो उसके तुरंत बाद योगासन करने की भूल कतई न करें। ऐसा करने से शरीर की पूरी ऊर्जा भोजन पचाने में लग जाती है, जिससे योग करते समय पेट में भयंकर ऐंठन, गैस, उल्टी, एसिडिटी और भारीपन जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

भोजन और योग के बीच रखें इतना फासला

यदि आप सुबह के समय योग नहीं कर पा रहे हैं और शाम को योगाभ्यास करना चाहते हैं, तो समय का विशेष ध्यान रखें। भारी भोजन करने और योग शुरू करने के बीच कम से कम 3 से 4 घंटे का अनिवार्य अंतर होना चाहिए। वहीं अगर आपने सिर्फ चाय, जूस या हल्का फल खाया है, तो भी करीब 45 मिनट से 1 घंटे के बाद ही चटाई (मैट्स) पर उतरें।

गलत पोस्चर से बचें शुरुआत करने वाले

योग दिवस के उत्साह में आकर कई लोग पहले ही दिन से कठिन और जटिल आसनों का प्रयास करने लगते हैं। विशेषज्ञों की चेतावनी है कि गलत पोस्चर (मुद्रा) के कारण रीढ़ की हड्डी, गर्दन और घुटनों की मांसपेशियों में खतरनाक खिंचाव या चोट आ सकती है। शुरुआत हमेशा सूक्ष्म व्यायाम, प्राणायाम (जैसे अनुलोम-विलोम) और बेहद सरल आसनों से करनी चाहिए, ताकि शरीर में लचीलापन धीरे-धीरे बढ़े।

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योग के तुरंत बाद नहाने की मनाही

 योगाभ्यास करने के तुरंत बाद कभी भी ठंडे या गर्म पानी से नहीं नहाना चाहिए। योग के दौरान शरीर का तापमान काफी बढ़ जाता है। ऐसे में तुरंत नहाने से सर्दी-जुकाम, बुखार या ब्लड प्रेशर असंतुलित होने का खतरा रहता है। योग खत्म करने के कम से कम 20 से 30 मिनट बाद जब शरीर का तापमान सामान्य हो जाए, तभी स्नान करें।

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पीरियड्स और प्रेग्नेंसी में बरतें सावधानी

 महिलाओं को मासिक धर्म (पीरियड्स) के शुरुआती दिनों में कठिन आसन और कपालभाति जैसे प्राणायाम नहीं करने चाहिए। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं को बिना किसी सर्टिफाइड योग थेरेपिस्ट या डॉक्टर की सलाह के कोई भी नया आसन शुरू करने से बचना चाहिए।

Location :  New Delhi

Published :  21 June 2026, 4:25 PM IST

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