कौन हैं सीडीएस पास करने से राष्ट्रपति भवन तक पहुंचीं मेजर नव्या शेखावत, जो बनीं पहली महिला आर्मी ADC

मेजर नव्या शेखावत ने राष्ट्रपति भवन में ऐसी जिम्मेदारी संभाली है, जिसने उन्हें देशभर में चर्चा में ला दिया। CDS परीक्षा से शुरू हुआ उनका सैन्य सफर OTA ट्रेनिंग और भारतीय सेना में कमीशन के बाद एक खास मुकाम तक पहुंचा। आखिर कौन-सी परीक्षा और कौन-सा सफर उन्हें यहां तक लेकर आया?

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 12 September 2026, 1:22 PM IST
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New Delhi: मेजर नव्या शेखावत का नाम इन दिनों इसलिए चर्चा में है, क्योंकि उन्होंने भारतीय सेना में एक ऐसी जिम्मेदारी हासिल की है, जो अब तक किसी महिला आर्मी अधिकारी को नहीं मिली थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ आधिकारिक कार्यक्रमों में नजर आने वाली नव्या अब राष्ट्रपति की Aide-de-Camp (ADC) हैं। लेकिन राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने के पीछे उनकी कहानी सिर्फ एक नियुक्ति की नहीं, बल्कि परीक्षा, सैन्य प्रशिक्षण और लगातार मेहनत की है।

CDS परीक्षा से शुरू हुआ सफर

मेजर नव्या शेखावत के सैन्य सफर की शुरुआत Union Public Service Commission (UPSC) की Combined Defence Services (CDS) परीक्षा से हुई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्होंने CDS के जरिए चयन हासिल किया और इसके बाद चेन्नई स्थित Officers Training Academy (OTA) में सैन्य प्रशिक्षण लिया।

CDS (I) 2020 की OTA महिला मेरिट सूची में भी उनका नाम दर्ज है। इस सूची में नव्या महिलाओं की मेरिट में सातवें स्थान पर थीं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वर्ष 2021 में उन्हें Indian Army Service Corps (ASC) में कमीशन मिला। यानी जिस अधिकारी को आज राष्ट्रपति के साथ खड़े देखकर लोग पहचान रहे हैं, उनके सफर की शुरुआत एक कठिन प्रतियोगी परीक्षा और सैन्य प्रशिक्षण से हुई थी।

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करीब पांच साल में मेजर तक पहुंचीं

भारतीय सेना में कमीशन मिलने के बाद नव्या ने अपने सैन्य करियर में जिम्मेदारियां निभाईं और करीब पांच साल के सफर में मेजर के पद तक पहुंचीं। इसके बाद उन्हें राष्ट्रपति भवन में ADC की जिम्मेदारी मिली। जुलाई 2026 में उन्होंने राष्ट्रपति की ADC के तौर पर यह जिम्मेदारी संभाली। खास बात यह है कि भारतीय सेना की ओर से राष्ट्रपति की ADC बनने वाली वह पहली महिला अधिकारी हैं।

यह नियुक्ति इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि ADC की भूमिका केवल किसी बड़े पदाधिकारी के साथ नजर आने तक सीमित नहीं होती। इस पद पर अधिकारी को आधिकारिक कार्यक्रमों, समारोहों और कई तरह के समन्वय से जुड़ी जिम्मेदारियां भी निभानी होती हैं।

राष्ट्रपति के साथ कितने ADC होते हैं?

राष्ट्रपति के ADC दल में कुल पांच अधिकारी होते हैं। इनमें तीन अधिकारी भारतीय सेना से, जबकि एक-एक अधिकारी भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना से होते हैं। नव्या की नियुक्ति ने इस व्यवस्था में महिला अधिकारियों की बढ़ती भूमिका को भी सामने ला दिया है। साल 2025 में भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी राष्ट्रपति की ADC बनने वाली पहली महिला सैन्य अधिकारी बनी थीं।

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इस लिहाज से तीनों सेनाओं को मिलाकर देखें तो नव्या राष्ट्रपति की ADC बनने वाली दूसरी महिला सैन्य अधिकारी हैं, लेकिन भारतीय सेना की पहली महिला ADC होने का रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज हुआ है।

मेजर ऋषभ सांब्याल के इस्तीफे के बाद मिली जिम्मेदारी

बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ADC के तौर पर चर्चा में रहे मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल के बाद अब मेजर नव्या शेखावत इस प्रतिष्ठित जिम्मेदारी को संभाल रही हैं। करीब 12 साल की सैन्य सेवा के बाद ऋषभ सांब्याल ने समय से पहले रिटायरमेंट लिया। राष्ट्रपति के साथ आधिकारिक कार्यक्रमों और विदेश यात्राओं में उनकी मौजूदगी ने उन्हें सोशल मीडिया पर खासा लोकप्रिय बना दिया था। पद छोड़ने के बाद 21 अगस्त को उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर मार्गदर्शन और आशीर्वाद के लिए आभार जताया।

Location :  New Delhi

Published :  12 September 2026, 1:22 PM IST

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