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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Img: Google)
New Delhi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार, 3 अगस्त को अपने नए आर्थिक एजेंडे का बचाव करते हुए भारत समेत 69 देशों पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ (पारस्परिक शुल्क) को "देश के लिए जरूरी" बताया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि अमेरिका अब अपने सैकड़ों अरब डॉलर के कर्ज को चुकाने की स्थिति में है और यह सब नई व्यापार नीति के चलते संभव हो पाया है।
'एकतरफा व्यापार नीति' स्वीकार नहीं
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अब किसी भी देश की "एकतरफा व्यापार नीति" को स्वीकार नहीं करेगा और हर सौदे में निष्पक्षता और पारस्परिक लाभ को प्राथमिकता देगा। उन्होंने कहा, “हम कर्ज चुकाने जा रहे हैं। हमारे पास अब इतना पैसा आ रहा है जितना पहले कभी नहीं आया। हमें यह कदम सालों पहले उठा लेना चाहिए था।”
पुराना ग्लोबल इकोनॉमिक ऑर्डर खत्म
डोनाल्ड ट्रंप ने इस साल जनवरी में अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत की थी और व्हाइट हाउस लौटते ही उन्होंने वैश्विक आर्थिक नीति में बड़ा बदलाव कर दिया। पुराने ग्लोबल इकोनॉमिक ऑर्डर को खत्म कर उन्होंने अमेरिका के खिलाफ एकतरफा टैरिफ लगाने वाले देशों को दंडित करना शुरू किया।
व्यापार घाटे के खिलाफ सख्त कदम
2 अप्रैल 2025 को ट्रंप ने उन देशों पर 50 प्रतिशत तक रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की घोषणा की, जिनके साथ अमेरिका का व्यापार घाटा था। इसके अलावा, सभी देशों पर 10 प्रतिशत का बेसलाइन टैरिफ भी लागू किया गया। उन्होंने 1977 के एक कानून का हवाला देते हुए व्यापार घाटे को "राष्ट्रीय आपातकाल" करार दिया, जिससे उनके निर्णय को कानूनी आधार मिला।
इस घोषणा के बाद कई देशों ने अमेरिका के साथ बातचीत शुरू की और कुछ ने ट्रंप की शर्तों को स्वीकार कर रियायतें दीं। जिन देशों ने समझौते से इनकार किया, उन्हें भारी टैरिफ झेलने पड़े।
भारत समेत 69 देशों पर टैरिफ
राष्ट्रपति ट्रंप ने कुल 69 देशों पर 10 से 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाए हैं। भारत पर 25 प्रतिशत, ब्राजील पर 50 प्रतिशत, कनाडा पर 35 प्रतिशत, स्विट्जरलैंड पर 39 प्रतिशत, ताइवान पर 20 प्रतिशत और सीरिया पर 41 प्रतिशत का टैरिफ लगाया गया। पाकिस्तान पर शुरू में 29 प्रतिशत शुल्क लगाया गया था, जिसे बाद में तेल समझौते के बाद घटाकर 19 प्रतिशत कर दिया गया।
आर्थिक लाभ का दावा
ट्रंप ने दावा किया कि इन टैरिफों से अमेरिका को अभूतपूर्व आर्थिक लाभ होगा और सरकार को कर्ज चुकाने के लिए आवश्यक राजस्व मिलेगा। उन्होंने कहा, “हम सैकड़ों अरब डॉलर कमाएंगे। यह रकम इतनी बड़ी होगी कि इससे हमारे कई आर्थिक लक्ष्य पूरे हो जाएंगे।”
अपने बयान में ट्रंप ने कहा कि वे किसी भी देश के साथ टकराव नहीं चाहते, लेकिन व्यापार में निष्पक्षता अनिवार्य है। "मैं किसी पर दबाव नहीं बनाना चाहता, मैं सिर्फ निष्पक्षता चाहता हूं। जो देश सहयोग करेंगे, उन्हें भी लाभ होगा," उन्होंने कहा।
Location : New Delhi
Published : 4 August 2025, 1:07 PM IST
Topics : Donald Trump global economic International Trade reciprocal tariff tariff on India US Debt US Trade Policy