ईरान में सेना और सरकार में ठनी? IRGC का ईरानी वार्ता टीम पर नियंत्रण

ईरान में शांति समझौते की गतिविधियां लगातार धूमिल होती जा रही हैं। ताजा घटनाओं के अनुसार, ईरान की स्पेशल फोर्स इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कट्टरपंथी धड़े ने पिछले सप्ताहांत (शनिवार-रविवार) वार्ता टीमों पर लगभग पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लिया है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 20 April 2026, 1:38 PM IST
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New Delhi: ईरान में शांति समझौते की गतिविधियां लगातार धूमिल होती जा रही हैं। ताजा घटनाओं के अनुसार, ईरान की स्पेशल फोर्स इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कट्टरपंथी धड़े ने पिछले सप्ताहांत (शनिवार-रविवार) वार्ता टीमों पर लगभग पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लिया है। यह दावा द न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट में ऊर्जावान के घुड़सवारों से किया गया है।

स्थिति वह वक्त और बिगड़ गई जब अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के एक मालवाहक जहाज पर हमला किया। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के इस कदम से ईरान में कट्टरपंथी ताकतों को और बल मिलेगा।

सत्ता परिवर्तन के संकेत

रिपोर्ट के अनुसार, I.R.G.C. सहयोगियों ने देश की नेतृत्व जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है। इस अंतरिम सत्ता परिवर्तन के संकेत छिपे समुद्री झड़पों और अमेरिका के साथ प्रस्तावित शांति वार्ता को टालने के फैसले से मिलते हैं।

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इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) कि नरम रुख अपनाने वाले नेताओं जैसे विदेश मंत्री अब्बास अराघची को हाशिए पर धकेल दिया गया है। अराघची ने पहले गठित प्रशासन के साथ बातचीत के बाद होर्मुज जलदमरूमध्य को फिर से खोलने पर सहमति जताई थी, लेकिन आई.आर.जी.सी. और अमेरिकी नाकाबंदी के जवाब में इसे बंद रखने का फैसला निरंतर रखा।

वार्ता टीम को तत्काल वापस बुलाया

इस विवाद के बाद सख्त कदम भी उठाए गए। आईएसडब्ल्यू होसैन ताएब भी शामिल हैं, अब वार्ता टीम को तत्काल वापस बुलाया। रिपोर्ट के अनुसार, अब अहमद वहीदी ईरान में संरचना में अहम भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि, हवाई हमलों में घायल होने के बाद से वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं।

कुल मिलाकर, ईरान में सत्ता का संतुलन तेजी से कट्टरपंथी धड़े की ओर झुकता दिख रहा है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक कूटनीतिक प्रयासों पर गंभीर असर पड़ सकता है।

Location :  New Delhi

Published :  20 April 2026, 1:38 PM IST

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