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अमेरिकन प्रेजिडेंट : डोनाल्ड ट्रम्प (Source: Google)
New Delhi: दुनिया भर की नजरें एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अगले कदम पर टिक गई हैं। गुरुवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने एक बड़ा कूटनीतिक संकेत देते हुए कहा कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता किसी ठोस नतीजे पर पहुँचती है, तो वे पाकिस्तान का दौरा कर सकते हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान इस समय एक अहम कड़ी बनकर उभरा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ़ किया कि यदि शांति समझौता इस्लामाबाद की धरती पर फाइनल होता है, तो वे वहां जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, "वे (पाकिस्तान) चाहते हैं कि मैं आऊं, और अगर समझौता वहीं तय होता है, तो मैं निश्चित रूप से जाऊंगा।" यह पहली बार है जब ट्रंप ने इस संवेदनशील मुद्दे पर पाकिस्तान को इतने महत्वपूर्ण 'न्यूट्रल वेन्यू' के रूप में पेश किया है।
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ट्रंप ने वार्ता की मेज पर पाकिस्तान की सक्रियता को 'सराहनीय और रचनात्मक' करार दिया। उन्होंने विशेष रूप से पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व (फील्ड मार्शल) के योगदान पर जोर देते हुए कहा कि उनके प्रयासों ने ही इस जटिल कूटनीतिक बातचीत को संभव बनाया है। जानकारों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान दक्षिण एशिया में सत्ता के संतुलन को एक नई दिशा दे सकता है।
ट्रंप का विजन केवल वैश्विक शांति तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने इस संभावित समझौते के पीछे के बड़े आर्थिक लाभों को भी प्रमुखता से रेखांकित किया है। उनके अनुसार, यदि ईरान के साथ शांति वार्ता सफल होती है, तो इसका सबसे बड़ा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ेगा, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पूरी तरह मुक्त और सुरक्षित होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की आपूर्ति में बड़ी वृद्धि होगी।
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ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि इस ऐतिहासिक समझौते की शर्तों के तहत अमेरिका को विशेष लाभ के रूप में रियायती या मुफ्त तेल प्राप्त हो सकता है। उन्हें पूरा विश्वास है कि इन कूटनीतिक और आर्थिक कदमों के चलते अमेरिका में गैस की कीमतों में भारी कमी आएगी, जिससे मुद्रास्फीति (Inflation) को न्यूनतम स्तर पर लाकर आम जनता को महंगाई से बड़ी राहत दिलाई जा सकेगी।
ईरान वार्ता के साथ-साथ ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच जारी युद्ध को रोकने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने दोनों देशों के शीर्ष नेताओं को व्हाइट हाउस आने का न्योता दिया है। ट्रंप का मानना है कि वर्तमान में चल रही बातचीत अपनी 'सफलता के चरम' पर है और जल्द ही किसी ऐतिहासिक एलान की उम्मीद है।
Location : New Delhi
Published : 17 April 2026, 4:28 AM IST