Commonwealth Games में झंडू कुमार ने रचा इतिहास, भारत को दिलाया पहला मेडल

भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपना खाता खोल लिया है। बिहार के झंडू कुमार ने पुरुषों की हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पहला मेडल हासिल किया।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 25 July 2026, 6:24 AM IST
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New Delhi: राष्ट्रमंडल खेल के दूसरे दिन भारत के लिए खुशी का अवसर है। पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को पहला मेडल दिलाया है। उन्होंने पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीता।

29 साल के झंडू कुमार ने पूरे दबदबे के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। उन्होंने अपने दूसरे अटेंप्ट में 190 किलो की सफल लिफ्ट की। हालांकि, यह उनके पर्सनल बेस्ट से 8 किलो कम था।

बिहार के झंडू कुमार ने भारत को दिया पहला मेडल

स्वर्ण पदक जीतने के थे करीब

झंडू ग्रुप बी में शीर्ष पर थे और एक समय स्वर्ण पदक जीतने के करीब थे, लेकिन नाइजीरिया के रिलुवान इदरिस और इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने उन्हें तीसरे स्थान पर धकेल दिया। इदरिस ने 132.8 अंकों के साथ स्वर्ण और हार्डिंग ने 131 अंक के साथ रजत अपने नाम किया। भारत के एक अन्य पैरा पावरलिफ्टर सुधीर 114.1 अंक के साथ छठे स्थान पर रहे।

झंडू कुमार ने 181 और 190 किलोग्राम के सफल लिफ्ट लगाए और कुल 130.9 अंक हासिल किए। हालांकि उनका 196 किलोग्राम का अंतिम प्रयास सफल नहीं हो सका। इस स्पर्धा में नाइजीरिया के इदरीस रिलुवान ने स्वर्ण और मैथ्यू हार्डिंग ने रजत पदक जीता। वहीं भारत के एक अन्य खिलाड़ी सुधीर 114.1 अंकों के साथ छठे स्थान पर रहे।

हालांकि पैरा तैराकी और पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत को निराशा मिली है। पुरुष और महिला दोनों वर्ग में भारत पदक लाने के करीब था, लेकिन अंत में पिछड़ गया।

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पदक से चूके अशोक मलिक

पैरा पावरलिफ्टिंग की पुरुषों की लाइटवेट स्पर्धा में अशोक मलिक पदक जीतने से चूक गए। उन्होंने 143.8 अंकों के साथ चौथा स्थान हासिल किया। वहीं परमजीत कुमार 135.6 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहे। पैरा स्विमिंग में कार्तिक बुडिगिना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल S13 स्पर्धा के फाइनल में चौथा स्थान हासिल किया।

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बिहार के किसान परिवार से आने वाले 28 वर्षीय झंडू कुमार ने पोलियो, आर्थिक तंगी और कई वर्षों तक छोटे-मोटे काम करने जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करने के बाद यह सफलता हासिल की। वह सब्जियां बेचकर अपना गुजारा कर रहे थे। फिर ऑटो रिक्शा भी चलाया।

Location :  New Delhi

Published :  25 July 2026, 6:09 AM IST

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