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हरियाणा के सीनियर IPS वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या के आठ दिन बाद आज चंडीगढ़ PGI में पोस्टमॉर्टम होगा। IAS पत्नी अमनीत कुमार ने कुछ शर्तों पर पोस्टमार्टम की मंजूरी दी है। ASI संदीप लाठर की आत्महत्या के बाद केस में नया मोड़ आ गया है।
चंडीगढ़ पीजीआई
Haryana: हरियाणा के वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या के आठ दिन बाद आखिरकार उनका पोस्टमॉर्टम आज सुबह चंडीगढ़ PGI की मोर्ट्यूरी में किया जाएगा। पत्नी IAS अमनीत पी. कुमार ने पुलिस को अपनी सहमति दे दी है। उन्होंने शर्त रखी है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
डॉक्टरों का एक विशेष पैनल पोस्टमॉर्टम करेगा, जिसकी निगरानी एसडीएम और SIT टीम करेगी। इस प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी होगी ताकि किसी तरह का संदेह न रहे।
पूरन कुमार केस में नया मोड़ तब आया जब जांच कर रहे साइबर सेल के ASI संदीप कुमार लाठर ने खुदकुशी कर ली। रोहतक के लाढौत गांव में उनका शव खेत में बने कमरे से बरामद हुआ। घटनास्थल से पुलिस को तीन पेज का सुसाइड नोट और छह मिनट 26 सेकंड का वीडियो मिला है। इसमें उन्होंने IPS पूरन कुमार और उनके परिवार पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। संदीप ने लिखा कि वह “सत्य के लिए बलिदान” दे रहे हैं। उनके मुताबिक, IPS पूरन ने जातिवाद का सहारा लेकर भ्रष्टाचार को ढकने की कोशिश की।
पूरन कुमार का शव आठ दिनों से PGI मोर्ट्यूरी में रखा हुआ था। इस देरी से परिवार और समर्थकों में रोष बढ़ रहा था। पत्नी अमनीत ने तब ही मंजूरी दी जब राज्य सरकार ने कुछ अहम कदम उठाए। इसके अंतर्गत DGP शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेजकर ओमप्रकाश सिंह को नया DGP नियुक्त किया गया। रोहतक SP नरेंद्र बिजरनिया को पद से हटाया गया और FIR में SC/ST एक्ट की धारा 3(2)(v) जोड़ी गई, जिससे दोषियों को उम्रकैद तक सजा हो सकती है।
वहीं पूरन कुमार के सुसाइड नोट में 16 IAS और IPS अधिकारियों के नाम हैं, जिन पर जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। इनमें पूर्व DGP कपूर और SP बिजरनिया का नाम भी शामिल है। IAS अमनीत कुमार ने इन सभी अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग की है और कहा कि बिना निष्पक्ष कार्रवाई के न्याय नहीं मिलेगा।
ASI संदीप के सुसाइड नोट में लिखा गया है कि IPS पूरन कुमार ने रोहतक में पोस्टिंग के दौरान ईमानदार अफसरों को हटाकर भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण दिया। उन्होंने हत्या जैसे मामलों में भी आरोपी हटाने के बदले रिश्वत ली। संदीप ने खुलासा किया कि 6 अक्टूबर को पूरन के गनमैन सुशील को 2.5 लाख रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया था, जो शराब ठेकेदार से IG पूरन के इशारे पर ली गई थी। पूछताछ में सुशील ने यह स्वीकार किया कि पैसे पूरन कुमार के लिए थे। इस पूरे प्रकरण की वीडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है।
संदीप ने अपने वीडियो में कहा कि DGP कपूर और SP बिजरनिया ईमानदार अधिकारी हैं, जबकि पूरन का परिवार भ्रष्टाचार में लिप्त है। उन्होंने IAS पत्नी अमनीत, उनके MLA जीजा और SC कमीशन सदस्य रिश्तेदार की संपत्ति जांच की मांग की। वहीं, संदीप के परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक IPS पूरन की पत्नी अमनीत की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
अब यह मामला सिर्फ आत्महत्या या भ्रष्टाचार का नहीं, बल्कि सिस्टम में व्याप्त जातिवाद और शक्ति संघर्ष का प्रतीक बन गया है। FBI और SIT जैसी जांच एजेंसियों की तरह हरियाणा पुलिस की टीम अब पोस्टमॉर्टम और सुसाइड नोट की हर लाइन की जांच में जुटी है।
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