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“क्योंकि सास भी कभी बहू थी” में इन दिनों हाई वोल्टेज ड्रामा दर्शकों को बांधे हुए है। हिट एंड रन केस की सच्चाई, वृंदा की ईमानदारी, अजय-परिधि की शादी की हलचल और अंत में तुलसी का एक्सीडेंट हर मोड़ पर कहानी में नए ट्विस्ट आ रहे हैं।
क्योंकि सास भी कभी बहू थी
New Delhi: स्टार प्लस का लोकप्रिय शो "क्योंकि सास भी कभी बहू थी" इन दिनों जबरदस्त मोड़ पर है। हर एपिसोड के साथ कहानी में नए रहस्य और खुलासे हो रहे हैं, जो दर्शकों को टीवी से बांधे हुए हैं। ताज़ा एपिसोड में जहां एक तरफ वृंदा ने हिट एंड रन केस की सच्चाई उजागर की है, वहीं दूसरी तरफ तुलसी पर जानलेवा हमला हो जाता है।
हिट एंड रन केस की सच्चाई आई सामने
कहानी की शुरुआत होती है तुलसी और वृंदा की मुलाकात से, जो हेमंत के ऑफिस में होती है। यहां पर ये स्पष्ट हो जाता है कि अंगद और समीर हिट एंड रन केस में निर्दोष हैं। असली दोषी विरेन नाम का व्यक्ति है, जो दोनों को फंसाने की साजिश रच रहा था।
वृंदा बताती है कि उसका भाई निखिल, जो ट्रैफिक पुलिस में है, ने मजबूरी में विरेन से पैसे लिए थे। निखिल ईमानदार है, लेकिन उसकी मां और भाभी ने उसे घूस लेने के लिए मजबूर किया था। वृंदा खुद इस सच्चाई को सामने लाकर निर्दोषों को बचाना चाहती है।
हेमंत एक स्केच आर्टिस्ट की मदद से असली गुनहगार की पहचान करवाता है, जिससे तुलसी काफी प्रभावित होती है और वृंदा की ईमानदारी की सराहना करती है।
अजय और परिधि की शादी में नया मोड़
विरानी हाउस में अजय और उसके परिवार का स्वागत हो रहा है। अजय, मिहिर विरानी के बिजनेस पार्टनर का बेटा है। परिधि को साड़ी में देख मिहिर भावुक हो जाते हैं। लेकिन जब अजय की मां कहती है कि उनके घर की बहुएं किचन संभालती हैं, तो माहौल गंभीर हो जाता है।
मिहिर यह बात सुनकर नाराज़ हो जाते हैं और रिश्ता तोड़ने की बात करते हैं। लेकिन अजय परिधि के लिए स्टैंड लेता है और कहता है कि परिधि चार्टर्ड अकाउंटेंट है, इसलिए उसे अपने करियर का अधिकार है। उसका ये व्यवहार विरानी परिवार को बेहद पसंद आता है और शादी फिक्स कर दी जाती है।
हालांकि तुलसी को अजय की मां की सोच को लेकर चिंता सताने लगती है, जब वह परिधि से उसका वॉर्डरोब और बाथरूम दिखाने को कहती है।
तुलसी के एक्सीडेंट से मचता है हड़कंप
कहानी में असली ट्विस्ट तब आता है जब तुलसी का एक्सीडेंट हो जाता है। अजय, जो एक छिपे मकसद से विरानी हाउस में आया है, तुलसी और हेमंत की बातचीत सुन लेता है। जल्द ही वह किसी बड़े प्लान को अंजाम देने की कोशिश करता है, जिससे तुलसी की जान पर बन आती है।
हालांकि, समय रहते अंगद वहां पहुंच जाता है और अपनी मां तुलसी की जान बचा लेता है। यह घटना विरानी परिवार को झकझोर कर रख देती है।