हिंदी
पुलिस गिरफ्त में आरोपी
Mirzapur: उत्तर प्रदेश एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मीरजापुर में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लगभग 1.50 किलोग्राम प्रतिबंधित हाथी दांत और 800 ग्राम हाथी का जबड़ा बरामद किया गया है। बरामद सामग्री की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है।
एसटीएफ को पूर्वी उत्तर प्रदेश में लुप्तप्राय वन्यजीवों और उनके अंगों की तस्करी करने वाले गिरोहों के सक्रिय होने की सूचना मिल रही थी। इसी क्रम में एसटीएफ वाराणसी इकाई और वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने संयुक्त अभियान चलाया।
मंगलवार को मीरजापुर के जिगना थाना क्षेत्र स्थित बाबा कामेश्वर नाथ मंदिर के पास घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अखिलेश कुमार शुक्ला, देवी शंकर यादव और रामधनी यादव के रूप में हुई है। तीनों प्रयागराज जनपद के निवासी बताए गए हैं और लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी हाथी दांत और हाथी का जबड़ा ऊंचे दामों पर बेचने की योजना बना रहे थे। आरोप है कि 5 जून को यह सामग्री देवी शंकर यादव द्वारा लाकर अखिलेश कुमार शुक्ला के घर रखी गई थी। इसके बाद खरीदारों से संपर्क कर सौदा तय करने का प्रयास किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी बरामद सामग्री को बेचने के उद्देश्य से मीरजापुर पहुंचे थे, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच एजेंसियों के मुताबिक हाथी दांत का उपयोग महंगी मूर्तियां, आभूषण और कलात्मक वस्तुएं बनाने में किया जाता है। इसी वजह से इसकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग रहती है। तस्कर इसी मांग का फायदा उठाकर वन्यजीवों के अंगों की अवैध खरीद-फरोख्त करते हैं।
कार्रवाई के दौरान टीम ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक स्कूटी भी बरामद की है। बरामद वस्तुओं को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
वन विभाग मीरजापुर की ओर से आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जाएगी।
Location : Mirzapur
Published : 9 June 2026, 7:50 PM IST