फतेहपुर में रहस्यमयी मौतें: कर्ज, धमकी और खून से सना कमरा… सल्फास, ब्लेड और सुसाइड नोट ने बढ़ाई गुत्थी

फतेहपुर के लखनऊ बाईपास रोड पर एक घर में मां, बेटे और चाचा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई। कमरे में खून से सने शव, ब्लेड, सल्फास और एक सुसाइड नोट मिलने के बाद मामला और उलझ गया है। सुसाइड नोट में चार लोगों को जिम्मेदार ठहराया गया है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 12 March 2026, 4:19 PM IST
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Fatehpur: फतेहपुर के लखनऊ बाईपास रोड पर बुधवार शाम उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक घर के भीतर से खून से लथपथ तीन लोगों के मिलने की खबर सामने आई। कमरे के अंदर मां और बेटे की लाशें पड़ी थीं, जबकि कुछ दूरी पर चाचा गंभीर हालत में तड़पता मिला। पड़ोसियों और पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उसकी भी सांसें थम गईं। खून से सना कमरा, फर्श पर पड़े ब्लेड, सल्फास का पैकेट और एक सुसाइड नोट… यह सब देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि बेटे ने मरने से पहले एक नोट लिखकर चार लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। इस मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और देर रात एक अधिवक्ता को हिरासत में भी लिया गया।

चौफेरवा के पास घर में मिली तीन लोगों की लाश

यह घटना फतेहपुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में लखनऊ बाईपास रोड पर चौफेरवा के पास बने एक मकान की है। यहां रहने वाले सुशील श्रीवास्तव का परिवार बुधवार शाम अचानक सुर्खियों में आ गया। परिवार में सुशील श्रीवास्तव, उनकी पत्नी सुशीला श्रीवास्तव (55), बेटा अमर श्रीवास्तव (29) और भाई सुनील श्रीवास्तव (50) रहते थे। घर में ही किराने की दुकान भी चलती थी और चाचा-भतीजे दोनों किराने के सामान की सप्लाई का काम भी करते थे। बुधवार को जब सुशील घर लौटे तो उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि घर के अंदर इतना भयावह मंजर उनका इंतजार कर रहा है।

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खिड़की से देखा तो खून से सना था कमरा

बताया जा रहा है कि सुशील दोपहर में अपनी बेटी दीपिका के घर पीरनपुर गए थे। वहीं से करीब दो बजे उन्होंने बेटे अमर को फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठा। कुछ देर बाद मोबाइल भी बंद हो गया। शाम करीब पांच बजे जब वह घर पहुंचे तो गेट अंदर से बंद मिला। काफी आवाज लगाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो उन्हें शक हुआ। इसके बाद वह पड़ोसी कोटेदार जयनारायण के घर की छत के सहारे अपने घर में दाखिल हुए। खिड़की से अंदर झांका तो उनके होश उड़ गए। कमरे के अंदर चारों तरफ खून फैला हुआ था और उनकी पत्नी सुशीला तथा बेटा अमर मृत पड़े थे।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही चाचा की मौत

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। घायल सुनील को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी भी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। कमरे में खून से सनी फर्श, ब्लेड का पैकेट और सल्फास का खुला पैकेट मिला। मां और बेटे के हाथ और गर्दन पर कट के निशान थे। डॉक्टरों के अनुसार सुनील के एक हाथ की नस कटी हुई थी और गर्दन भी आधी कटी थी।

सुसाइड नोट ने बढ़ाई रहस्य की परत

जांच के दौरान पुलिस को अमर श्रीवास्तव के नाम से लिखा एक सुसाइड नोट भी मिला। इसमें चार लोगों को मौत के लिए जिम्मेदार बताया गया है। नोट में लिखा गया है कि उसे एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दी जा रही थी और इसी दबाव के कारण वह अपनी मां और चाचा के साथ यह कदम उठाने को मजबूर हुआ। इस नोट के सामने आने के बाद पुलिस की जांच का रुख पूरी तरह बदल गया और मामले ने नया मोड़ ले लिया।

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अधिवक्ता हिरासत में, थाने पहुंचे वकील

सुसाइड नोट में जिन लोगों के नाम सामने आए, उनमें एक अधिवक्ता का भी नाम बताया जा रहा है। पुलिस ने देर रात उस अधिवक्ता को हिरासत में ले लिया। जैसे ही यह खबर फैली, बड़ी संख्या में वकील सदर कोतवाली थाने पहुंच गए और मामले को लेकर हंगामा होने लगा। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सुसाइड नोट की सत्यता भी परखी जा रही है।

कर्ज के बोझ में दबा था परिवार

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अमर श्रीवास्तव काफी समय से कर्ज के दबाव में था। बताया जा रहा है कि उस पर करीब 50 लाख रुपये तक का कर्ज था। व्यापार के लिए उसने कई लोगों से पैसा लिया था और कर्ज बढ़ने के कारण परिवार को अपना पैतृक मकान भी बेचना पड़ा था। इसके बाद परिवार कुछ समय तक कर्जदारों से बचने के लिए छिपकर भी रहा और फिर लखनऊ बाईपास रोड पर नया मकान बनाकर रहने लगा।

घटना से पहले चाय पीने के संकेत

घटनास्थल की स्थिति देखकर पुलिस ने अंदाजा लगाया कि घटना से पहले तीनों ने कमरे में बैठकर चाय पी थी। कमरे में चाय के खाली गिलास भी मिले हैं। संभावना जताई जा रही है कि चाय में सल्फास मिलाकर पीया गया होगा। जब जहर का असर हुआ तो तड़पने की स्थिति में ब्लेड से खुद पर वार किए गए होंगे। मां के कंधे के पास बेटे अमर का सिर रखा मिला, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि अंतिम समय में वह मां से लिपटकर रोया होगा।

पुलिस कर रही हर पहलू से जांच

घटनास्थल पर खून के कई बड़े धब्बे और संघर्ष के निशान भी मिले हैं। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि तीनों के बीच किसी समय संघर्ष हुआ होगा। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि मौत जहर से हुई या ब्लेड से हुए घावों से।

Location : 
  • Fatehpur

Published : 
  • 12 March 2026, 4:19 PM IST

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