कोडीन सीरप कांड आरोपी अमित और आलोक को लेकर बड़ा खुलासा, जानें कैसे चला रहे 900 करोड़ का गोरखधंधा

राजधानी लखनऊ में 900 करोड़ रुपये के कोडीन कफ सीरप तस्करी नेटवर्क की जांच ने बड़ा मोड़ ले लिया है। कई राज्यों से लेकर बांग्लादेश तक फैले इस अवैध कारोबार में अब एसटीएफ ने बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और अमित सिंह टाटा के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 24 May 2026, 12:38 PM IST
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Lucknow: राजधानी लखनऊ में चर्चित कोडीन कफ सीरप तस्करी मामले में एसटीएफ ने बड़ा खुलासा किया है। एसटीएफ ने शुक्रवार को बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और अमित सिंह टाटा के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल कर दी। इस बहुचर्चित अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क में अब तक कुल 12 मुख्य आरोपित सामने आए हैं, जिनमें से नौ गिरफ्तार होकर जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि तीन आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।

40 हजार पन्नों की चार्जशीट

एसटीएफ द्वारा दाखिल की गई करीब 40 हजार पन्नों की चार्जशीट में वर्ष 2019 से 2024 तक फैले पूरे नेटवर्क का ब्योरा शामिल है। जांच एजेंसी ने तीन हजार से अधिक बैंक स्टेटमेंट संलग्न किए हैं, जिनमें करीब 900 करोड़ रुपये के अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है।

जांच के मुताबिक इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल बताया गया है। उसके साथ गौरव और वरुण सिंह भी फरार हैं और तीनों के विदेश में होने की जानकारी मिली है। एसटीएफ इन्हें दुबई से भारत लाने के लिए गृह मंत्रालय के माध्यम से कार्रवाई कर रही है।

आलोक और अमित की 2019 में शुभम जायसवाल से मुलाकात

चार्जशीट में बताया गया है कि आलोक सिंह और अमित सिंह टाटा की मुलाकात वर्ष 2019 में शुभम जायसवाल से हुई थी। शुरुआत में दोनों पर्दे के पीछे रहकर नेटवर्क को सहयोग करते थे, लेकिन करोड़ों की कमाई देखकर वर्ष 2024 में खुद भी सीधे तस्करी के कारोबार में उतर गए। आरोप है कि दोनों ने अपने संपर्कों और फर्जी फर्मों के जरिए प्रतिबंधित कफ सीरप की सप्लाई का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया।

जांच एजेंसियों के अनुसार जिन दवाओं की खरीद रिकॉर्ड में दिखाई गई, उनकी एक भी बोतल मेडिकल स्टोर तक नहीं पहुंची। पूरी खेप को बिहार और पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश भेजा जाता था, जहां इन कफ सीरप का इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जाता था।

एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि आरोपितों के खिलाफ बैंक ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल, परिवहन दस्तावेज और दवा खरीद-बिक्री से जुड़े हजारों सबूत जुटाए गए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि पूरे नेटवर्क के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

Location :  Lucknow

Published :  24 May 2026, 12:36 PM IST

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