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कंप्यूटर ऑपरेटर पर 1% कमीशन का आरोप(सोर्स- Pinterest)
Ranchi: रांची में जेपीएससी मेधा घोटाले की जांच कर रही सीआईडी को पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांग्ते के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार को लेकर कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच एजेंसी ने इन तथ्यों को अदालत के समक्ष भी रखा है। मामले में पहले गिरफ्तार परीक्षा संचालन एजेंसी से जुड़े रामवीर सिंह और मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी ने कथित तौर पर बताया था कि परीक्षा कराने का काम टीडीपीएल को दिलाने में धर्मेंद्र की भूमिका रही थी।
जांच में सामने आए बयानों के मुताबिक, धर्मेंद्र कथित तौर पर एल. खियांग्ते के लिए पैसे की वसूली करता था। इसी बीच मामले के एक अन्य आरोपी अरुण कुमार ने सीआईडी को बताया कि परीक्षा संचालन का काम दिलाने के बदले धर्मेंद्र ने अपने लिए भी एक प्रतिशत कमीशन तय कर रखा था। सीआईडी अब इस दावे से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है।
आरोपों के अनुसार, धर्मेंद्र ने अपनी पत्नी के नाम पर बुलेट मोटरसाइकिल खरीदने के लिए टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी के खाते से 50 हजार रुपये लिए थे। जांच एजेंसी इस रकम के लेन-देन और उसके उद्देश्य को घोटाले से जुड़े अन्य वित्तीय कनेक्शन के साथ जोड़कर देख रही है।
Jharkhand JPSC Scam: पूर्व सदस्य की PA गिरफ्तार, अभ्यर्थियों से वसूली का आरोप
सीआईडी को धर्मेंद्र कुमार के कार्यालय में रखी अलमारी से आठ अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड की फोटो कॉपी मिलने की भी जानकारी सामने आई है। इन दस्तावेजों को जांच में अहम माना जा रहा है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि ये एडमिट कार्ड वहां किस उद्देश्य से रखे गए थे और इनका परीक्षा घोटाले से क्या संबंध है।
जांच एजेंसी ने धर्मेंद्र के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR का विश्लेषण किया है। इसके अलावा घोटाले से जुड़े आरोपितों के बीच WhatsApp के जरिए संपर्क होने की बात भी जांच में सामने आई है। सीआईडी अब सभी आरोपितों के मोबाइल डेटा, आपसी बातचीत और बैंक खातों के जरिए हुए लेन-देन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
इधर, झारखंड में JSSC-CGL नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विरोध भी तेज हो गया है। भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की CBI जांच कराने और छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग को लेकर भाजपा ने बुधवार को पाकुड़ कलेक्ट्रेट का घेराव किया।
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और छात्र प्रदर्शन में शामिल हुए। दोपहर करीब दो बजे परिसदन के पास से आक्रोश रैली शुरू हुई। बाबूलाल मरांडी भी कार्यकर्ताओं और छात्रों के साथ रैली में शामिल हुए। इसके बाद रैली शहर के विभिन्न रास्तों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ता और छात्र नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने घेराव किया और अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखीं। भाजपा नेताओं ने कहा कि नियुक्ति से जुड़ा मामला युवाओं के भविष्य से संबंधित है, इसलिए सरकार को इस पर गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।
भाजपा ने JSSC-CGL नियुक्ति में कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी दोहराई गई। प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे।
JPSC मेधा घोटाले में जहां सीआईडी वित्तीय लेन-देन, मोबाइल कनेक्शन और दस्तावेजों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है, वहीं JSSC-CGL नियुक्ति विवाद को लेकर भाजपा सड़क पर उतरकर CBI जांच की मांग कर रही है। दोनों मामलों में आगे की कार्रवाई जांच और संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।
Location : Ranchi
Published : 10 September 2026, 10:13 AM IST