Delhi Crime: फर्जी CBI अधिकारी बनकर घर में घुसे 8 लोग, कारोबारी की पत्नी की सूझबूझ से नाकाम हुई ‘रेड’; 7 गिरफ्तार

Delhi Crime: प्रशांत विहार में फर्जी CBI रेड डालने पहुंचे गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में कारोबारी का पूर्व कर्मचारी कथित मास्टरमाइंड सामने आया। आरोपियों से फर्जी ID, CBI मोनोग्राम वाले कपड़े और मोबाइल बरामद हुए। पुलिस अब गिरोह के पुराने मामलों की जांच कर रही है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 24 August 2026, 3:22 PM IST
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New Delhi: दिल्ली के प्रशांत विहार में कारोबारी के घर फर्जी CBI रेड डालने की कोशिश के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में कारोबारी के पूर्व कर्मचारी कुलदीप शर्मा की भूमिका कथित तौर पर मास्टरमाइंड के रूप में सामने आई है। पुलिस के अनुसार, उसने कारोबारी के घर में नकदी और कीमती सामान होने की जानकारी आरोपियों तक पहुंचाई थी।

8 लोग बनकर पहुंचे थे CBI अधिकारी

यह घटना 11 अगस्त की रात प्रशांत विहार इलाके में हुई थी। पुलिस के मुताबिक, छह पुरुष और दो महिलाएं कारोबारी प्रीतम अग्रवाल के घर पहुंचे थे। सभी ने काले रंग के सूट पहन रखे थे और उनके पास CBI के फर्जी पहचान पत्र तथा एजेंसी के मोनोग्राम वाले कपड़े थे। उन्होंने खुद को CBI अधिकारी बताते हुए मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के नाम पर घर में प्रवेश करने की कोशिश की।

पत्नी की समझदारी से नाकाम हुई फर्जी रेड

आरोपियों ने कारोबारी के परिवार को डराने के लिए WhatsApp पर कथित तौर पर CBI डायरेक्टर के नाम से एक फर्जी नोटिस भी भेजा। नोटिस में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोप और बैंक खातों को लेकर कार्रवाई की बात कही गई थी।

हालांकि, कारोबारी की पत्नी ने बिना उचित सर्च वारंट और असली पहचान की पुष्टि किए दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक आरोपी बाहर खड़े रहे। जब आसपास के लोग भी जमा होने लगे तो आरोपी कागजात गाड़ी में होने का बहाना बनाकर वहां से निकल गए।

112 पर कॉल के बाद शुरू हुई जांच

घटना के बाद परिवार ने पुलिस हेल्पलाइन 112 पर सूचना दी। पुलिस ने CCTV फुटेज, मोबाइल फोन और WhatsApp पर भेजे गए फर्जी नोटिस समेत दूसरे डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू की। तकनीकी सर्विलांस के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंची और सात लोगों को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन, CBI मोनोग्राम वाले कपड़े और फर्जी पहचान पत्रों के स्क्रीनशॉट बरामद किए हैं।

पूर्व कर्मचारी पर साजिश में शामिल होने का आरोप

जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि कारोबारी का पूर्व कर्मचारी कुलदीप शर्मा इस साजिश में अहम भूमिका निभा रहा था। आरोप है कि उसने कारोबारी के घर, पते और वहां नकदी या कीमती सामान होने की संभावित जानकारी दूसरे आरोपियों तक पहुंचाई।

पुलिस ने आसिफा, पूजा अग्रवाल, चंदर प्रकाश शर्मा, शुभम उर्फ गोलू और कुलदीप शर्मा समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका भी जांची जा रही है।

दिल्ली-मुंबई में फर्जी रेड का नेटवर्क?

जांच में आरोपियों के मोबाइल से ऐसे फोटो और वीडियो मिलने की बात सामने आई है, जिनमें कुछ लोग CBI, ED और अन्य सरकारी एजेंसियों के अधिकारी बनकर कार्रवाई करते नजर आ रहे हैं। इसके बाद पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह केवल प्रशांत विहार की घटना तक सीमित नहीं था।

पुलिस अब डिजिटल सबूतों, CCTV फुटेज और अन्य जानकारी के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि क्या गिरोह ने दिल्ली या मुंबई में पहले भी इसी तरह की फर्जी रेड को अंजाम दिया था।

Location :  New Delhi

Published :  24 August 2026, 3:22 PM IST

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