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प्रतीकात्मक छवि (Source: Pinterest)
New Delhi: दिल्ली के प्रशांत विहार में कारोबारी के घर फर्जी CBI रेड डालने की कोशिश के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में कारोबारी के पूर्व कर्मचारी कुलदीप शर्मा की भूमिका कथित तौर पर मास्टरमाइंड के रूप में सामने आई है। पुलिस के अनुसार, उसने कारोबारी के घर में नकदी और कीमती सामान होने की जानकारी आरोपियों तक पहुंचाई थी।
यह घटना 11 अगस्त की रात प्रशांत विहार इलाके में हुई थी। पुलिस के मुताबिक, छह पुरुष और दो महिलाएं कारोबारी प्रीतम अग्रवाल के घर पहुंचे थे। सभी ने काले रंग के सूट पहन रखे थे और उनके पास CBI के फर्जी पहचान पत्र तथा एजेंसी के मोनोग्राम वाले कपड़े थे। उन्होंने खुद को CBI अधिकारी बताते हुए मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के नाम पर घर में प्रवेश करने की कोशिश की।
आरोपियों ने कारोबारी के परिवार को डराने के लिए WhatsApp पर कथित तौर पर CBI डायरेक्टर के नाम से एक फर्जी नोटिस भी भेजा। नोटिस में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोप और बैंक खातों को लेकर कार्रवाई की बात कही गई थी।
हालांकि, कारोबारी की पत्नी ने बिना उचित सर्च वारंट और असली पहचान की पुष्टि किए दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक आरोपी बाहर खड़े रहे। जब आसपास के लोग भी जमा होने लगे तो आरोपी कागजात गाड़ी में होने का बहाना बनाकर वहां से निकल गए।
घटना के बाद परिवार ने पुलिस हेल्पलाइन 112 पर सूचना दी। पुलिस ने CCTV फुटेज, मोबाइल फोन और WhatsApp पर भेजे गए फर्जी नोटिस समेत दूसरे डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू की। तकनीकी सर्विलांस के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंची और सात लोगों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन, CBI मोनोग्राम वाले कपड़े और फर्जी पहचान पत्रों के स्क्रीनशॉट बरामद किए हैं।
जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि कारोबारी का पूर्व कर्मचारी कुलदीप शर्मा इस साजिश में अहम भूमिका निभा रहा था। आरोप है कि उसने कारोबारी के घर, पते और वहां नकदी या कीमती सामान होने की संभावित जानकारी दूसरे आरोपियों तक पहुंचाई।
पुलिस ने आसिफा, पूजा अग्रवाल, चंदर प्रकाश शर्मा, शुभम उर्फ गोलू और कुलदीप शर्मा समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका भी जांची जा रही है।
जांच में आरोपियों के मोबाइल से ऐसे फोटो और वीडियो मिलने की बात सामने आई है, जिनमें कुछ लोग CBI, ED और अन्य सरकारी एजेंसियों के अधिकारी बनकर कार्रवाई करते नजर आ रहे हैं। इसके बाद पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह केवल प्रशांत विहार की घटना तक सीमित नहीं था।
पुलिस अब डिजिटल सबूतों, CCTV फुटेज और अन्य जानकारी के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि क्या गिरोह ने दिल्ली या मुंबई में पहले भी इसी तरह की फर्जी रेड को अंजाम दिया था।
Location : New Delhi
Published : 24 August 2026, 3:22 PM IST
Topics : Delhi Crime Delhi Police Fake CBI Raid