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गुरुवार को लगातार चौथे दिन शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला। सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में दिखे। जानिए किन शेयरों में तेजी, किनमें गिरावट और बाजार पर दबाव की बड़ी वजहें।
शेयर बाजार में गिरावट (Img Source: Google)
New Delhi: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 8 जनवरी 2026 को भी निवेशकों की शुरुआत निराशाजनक रही। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 दोनों ही गिरावट के साथ खुले। लगातार वैश्विक संकेतों की कमजोरी, आईटी और ऑटो शेयरों में बिकवाली तथा निवेशकों की सतर्कता ने बाजार की चाल को प्रभावित किया।
सुबह कारोबार शुरू होते ही 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 183 अंकों से अधिक टूटकर 84,778 के स्तर पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 भी 34 अंकों की गिरावट के साथ 26,106 के आसपास कारोबार करता नजर आया। शुरुआती आधे घंटे के भीतर ही बाजार में और दबाव देखने को मिला और सेंसेक्स करीब 200 अंक तक फिसल गया, जबकि निफ्टी 50 भी 26,135 के नीचे ट्रेड करता दिखा।
शुरुआती कारोबार में कुछ चुनिंदा शेयरों में मजबूती देखने को मिली। अडानी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, टाइटन और आईसीआईसीआई बैंक जैसे शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। दूसरी ओर IT और ऑटो सेक्टर के शेयरों पर दबाव बना रहा। TCS, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे दिग्गज शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
Share Market Updates: खुलते ही बाजार की चाल ने बढ़ाई निवेशकों की उलझन, क्या कुछ बड़ा आने वाला है?
बुधवार 7 जनवरी को भी बाजार कमजोर रुख के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स करीब 102 अंकों की गिरावट के साथ 84,961 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 50 लगभग 38 अंक टूटकर 26,140 के स्तर पर बंद हुआ। उस दिन चुनिंदा IT और फार्मा शेयरों में हल्की तेजी रही थी, लेकिन बैंकिंग और ऑटो सेक्टर ने बाजार को नीचे खींचा।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी बाजारों में हालिया गिरावट, बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ रहा है। इसके अलावा निवेशक आगामी मैक्रो-इकोनॉमिक डेटा और कंपनियों के तिमाही नतीजों से पहले सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली भी बाजार की कमजोरी का एक अहम कारण मानी जा रही है।
Share Market: मार्केट का मूड बिगड़ा, सेंसेक्स 200 अंक टूटा; निफ्टी 26,117 के नीचे फिसला
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव के दौर में निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए। लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में धीरे-धीरे निवेश का मौका बन सकता है, जबकि शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को सख्त स्टॉप लॉस के साथ ट्रेड करने की सलाह दी जा रही है। कुल मिलाकर शेयर बाजार में फिलहाल अस्थिरता बनी हुई है और निवेशकों की नजर घरेलू संकेतों के साथ-साथ वैश्विक बाजारों की चाल पर टिकी हुई है।