हिंदी
पूर्व IPS समेत 6 पर FIR (फोटो: Pinterest)
Lalitpur: उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व डायरेक्टर जनरल (DGP) रैंक के अधिकारी एलवी एंटनी देव कुमार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और जबरन वसूली के गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह पूरा मामला ललितपुर जिले का है, जहां गुरुवार को बुरागांव चिगलौआ गांव के रहने वाले 78 वर्षीय रिटायर्ड सरकारी स्कूल शिक्षक राजाराम गोस्वामी ने अपने घर पर कथित तौर पर कोई जहरीली चीज खाकर खुदकुशी कर ली।
इस घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और महकमे में हड़कंप है। पुलिस को मृतक के पास से हाथ से लिखे तीन सुसाइड नोट भी बरामद हुए हैं, जो इस पूरे मामले के सबसे बड़े कानूनी साक्ष्य माने जा रहे हैं।
यह पूरा विवाद साल 2002 का है, जब एलवी एंटनी देव कुमार ललितपुर जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) हुआ करते थे। उस समय राजाराम गोस्वामी समेत गांव के 13 लोगों के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम यानी एससी-एसटी एक्ट के तहत एक स्थानीय व्यक्ति की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था।
इन लोगों पर आरोप था कि इन्होंने अनुसूचित जाति के लोगों को कुएं से पानी भरने से रोका और जातिसूचक गालियां दीं। मृतक के बेटे अनुराग गोस्वामी का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने से पहले तत्कालीन एसपी एलवी कुमार ने गांव आकर उनके पिता को पूरे समाज के सामने बुरी तरह बेइज्जत और प्रताड़ित किया था, जिसके बाद उन्हें दो हफ्ते जेल में गुजारने पड़े थे।
मेरठ ललिता हत्याकांड: थप्पड़बाज एसएसपी अविनाश पांडेय को मिली धमकी, IPS के घर वाले भी खतरे में
राजाराम गोस्वामी जूनियर हाई स्कूल के शिक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए थे और पिछले 24 सालों से इस केस का मुकदमा लड़ रहे थे। अब यह ट्रायल अपने आखिरी चरण में पहुंच चुका है, जिसकी अगली सुनवाई 16 जुलाई को होनी है। बेटे अनुराग के मुताबिक, पिछली दो कोर्ट सुनवाइयों के दौरान मामले के कुछ गवाहों (गोकुल प्रसाद, कामता प्रसाद, देवेंद्र कुमार, गुलाब और छोटे लाल) ने उनके पिता को कोर्ट परिसर में ही बुरी तरह मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और गलत बातें कहीं।
इस मानसिक दबाव को बुजुर्ग शिक्षक बर्दाश्त नहीं कर पाए। जहर खाने से पहले उन्होंने तीन अलग-अलग सुसाइड नोट लिखे, जिनमें से एक जिला जज, दूसरा पुलिस अधीक्षक और तीसरा स्थानीय एसएचओ (SHO) के नाम संबोधित था।
मृतक के 52 वर्षीय बेटे अनुराग गोस्वामी की तहरीर पर ललितपुर पुलिस ने पूर्व आईपीएस अधिकारी और गांव के ही 5 नामजद लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं (आत्महत्या के लिए उकसाना और जबरन वसूली) के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है। सर्किल अधिकारी (CO) आशीष मिश्रा ने बताया कि मामले की बेहद संवेदनशीलता को देखते हुए गहन जांच की जा रही है।
पुलिस और फॉरेंसिक टीमें सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की भी जांच करा रही हैं। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि अभी तक इस मामले में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी या हिरासत की कार्रवाई नहीं हुई है, लेकिन निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया गया है।
Location : Lalitpur
Published : 12 July 2026, 2:15 PM IST
Topics : former IPS officer Lalitpur News UP News UP Police