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बरेली से इस्तीफा देने के बाद एटा पहुंचे चर्चित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री। स्वर्ण समाज ने उनका सम्मान किया। उन्होंने मीडिया के सामने न्याय और सिद्धांतों के पक्ष में अपना निर्णय स्पष्ट किया, राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मची हुई है।
बरेली से इस्तीफा देने के बाद एटा पहुंचे चर्चित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री
Etah: बरेली में मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार एटा पहुंचे चर्चित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री। उनका आगमन प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। स्वर्ण समाज ने उनका स्वागत और सम्मान किया। अलंकार अग्निहोत्री ने मीडिया के सामने खुलकर अपना पक्ष रखा और कई मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की।
अलंकार अग्निहोत्री बरेली में यूजीसी के नए नियमों के विरोध और शंकराचार्य के शिष्य के कथित अपमान प्रकरण को लेकर चर्चा में आए। उन्होंने मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देकर कहा कि उनका निर्णय व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सिद्धांतों और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि उन्हें फर्जी मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही थी।
अलंकार ने कहा, "मेरा यह कदम केवल मेरे लिए नहीं, बल्कि उन सभी के लिए है जिनके साथ प्रशासनिक अन्याय हो रहा है। मैं न्याय और सत्य के पक्ष में खड़ा हूं।"
पीसीएस अधिकारी के एटा पहुंचने पर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया। सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कड़े इंतजाम किए गए। अलंकार अग्निहोत्री को कोतवाली नगर के शहीद पार्क में आने के दौरान स्वर्ण समाज के लोगों ने सम्मानित किया।
स्वर्ण समाज के बीच पहुंचे अधिकारी
स्वर्ण समाज के नेताओं ने कहा कि अलंकार अग्निहोत्री जैसे ईमानदार और निष्ठावान अधिकारी समाज के लिए प्रेरणा हैं। उनका स्वागत केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि सिद्धांतों और न्याय के प्रति उनके रुख को मान्यता देने के लिए किया गया।
अलंकार अग्निहोत्री के बयान और इस्तीफे ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी। उनके समर्थक उन्हें न्याय और ईमानदारी का प्रतीक मानते हैं, जबकि आलोचक उनके कदम पर सवाल भी उठा रहे हैं।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, "मेरा निर्णय व्यक्तिगत नहीं है, यह उन सभी के लिए है जो प्रशासनिक दबाव और अन्याय झेल रहे हैं। मैं किसी भी प्रकार के दबाव में नहीं आया।"