
गंडक से मिला शव अब जाएगा नेपाल
West Champaran: नेपाल की त्रिशूली नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद गंडक नदी के रास्ते भारत पहुंचे अज्ञात शवों की पहचान और उन्हें नेपाल प्रशासन को सौंपने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसी क्रम में पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल में बरामद करीब 40 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति के शव को सोमवार को वाल्मीकिनगर ले जाया गया।
प्रशासन की यह पहल मानवीय संवेदनाओं के साथ-साथ दोनों देशों के बीच समन्वय का भी उदाहरण है।
शव को नेपाल भेजने की तैयारी में प्रशासन की टीम
वाल्मीकि नगर थाना क्षेत्र में गंडक नदी से बरामद शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की थी। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए शव को बगहा अनुमंडलीय अस्पताल भेजा गया। शव की पहचान कराने के उद्देश्य से उसे नियमानुसार 72 घंटे तक सुरक्षित रखा गया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से आसपास के इलाकों में लगातार पहचान का प्रयास किया गया।
स्थानीय लोगों से पूछताछ करने के साथ ही पुलिस ने विभिन्न स्तरों पर शव की पहचान कराने की कोशिश की। प्रशासन की प्राथमिकता रही कि यदि मृतक की पहचान हो सके तो उसके परिजनों तक सूचना पहुंचाई जाए। हालांकि निर्धारित 72 घंटे की अवधि पूरी होने तक शव की पहचान नहीं हो सकी।
एसडीएम चांदनी कुमारी ने बताया कि गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। इसी दिशा-निर्देश के तहत शव को वाल्मीकिनगर गंडक बैराज क्षेत्र में ट्रांसफर किया जा रहा है। पहचान नहीं होने की स्थिति में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
दरअसल, 26 अगस्त को नेपाल की त्रिशूली नदी में विनाशकारी बाढ़ आई थी। इसके बाद वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए थे। तेज जल प्रवाह के कारण बड़ी मात्रा में मलबे के साथ शव भी गंडक नदी के रास्ते भारत की ओर बहकर आए। प्रशासन ने इन शवों को सुरक्षित निकालने और उनकी पहचान कराने के लिए अभियान चलाया।
बताया गया कि गंडक नदी के तेज बहाव के कारण कई शव आगे की ओर बह गए। उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में भी कई शव बरामद किए गए हैं। कुशीनगर जिले में अब तक 13 शव मिलने की जानकारी सामने आई है। इन शवों को गोरखपुर स्थित एम्स की मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया है।
आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें भी नेपाल प्रशासन को सौंपे जाने की तैयारी है। बगहा क्षेत्र में बरामद शव को भी इसी मानवीय और प्रशासनिक समन्वय के तहत नेपाल भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि शवों को सुरक्षित रखने, पहचान कराने और संबंधित प्रशासन को सौंपने के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है।
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एसडीआरएफ की टीम ने भी गंडक की तेज धारा में बहकर आए शवों को निकालने का प्रयास किया। हालांकि नदी के तेज बहाव के कारण सभी शवों को सुरक्षित निकालना संभव नहीं हो सका। मौके पर बगहा एसडीपीओ निहार भूषण, बगहा दो बीडीओ, इंस्पेक्टर अरुण कुमार, समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।
प्रशासन की सक्रियता से शव को सुरक्षित तरीके से निर्धारित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की गई। अब नेपाल प्रशासन को शव सौंपे जाने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
Location : West Champaran
Published : 1 September 2026, 12:27 AM IST