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CBI ने नीट छात्रा रेप-मौत केस में शुरुआती जांच करने वाली SIT से तीखे सवाल पूछे हैं। FIR में देरी, मेडिकल रिपोर्ट से पहले रेप से इनकार और जुटाए गए सबूतों पर एजेंसी ने अलग-अलग अधिकारियों से पूछताछ की है। जांच कई टीमों द्वारा जारी है।
शुरुआती जांच पर CBI की पैनी नजर (Img- Internet)
Patna: नीट छात्रा रेप-मौत मामले में Central Bureau of Investigation (CBI) ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। इस केस की शुरुआती जांच करने वाली बिहार पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अब खुद जांच एजेंसी के सवालों के घेरे में है। मंगलवार को CBI ने SIT के चार पुलिस अधिकारियों से लंबी पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए।
सूत्रों के अनुसार CBI ने सबसे पहले यह पूछा कि FIR दर्ज करने में देरी क्यों हुई। एजेंसी ने यह भी जानना चाहा कि बिना मेडिकल रिपोर्ट आए रेप की आशंका से इनकार कैसे कर दिया गया। इन दोनों बिंदुओं को जांच की शुरुआती प्रक्रिया में गंभीर माना जा रहा है।
CBI ने SIT अधिकारियों से कई अहम सवाल किए, जिनमें शामिल हैं:
एजेंसी ने सभी अधिकारियों से अलग-अलग कमरों में पूछताछ की ताकि उनके बयानों का मिलान किया जा सके और किसी प्रकार का विरोधाभास सामने आ सके।
दूसरी ओर CBI की टीम ने छात्रा की मां से भी फोन पर कई सवाल पूछे। जानकारी के मुताबिक, पटना से एक महिला अधिकारी ने कॉल कर पूछा कि छात्रा कब और किस गाड़ी से जहानाबाद से पटना गई थी। परिवार का कहना है कि ऐसे कई सवाल पहले भी पूछे जा चुके हैं।
नीट छात्रा रेप-मौत मामला
परिवार के सदस्य यह समझ नहीं पा रहे कि एक ही सवाल बार-बार क्यों दोहराए जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने एजेंसी को सभी सवालों के जवाब देने की बात कही है।
इस केस में CBI की कई टीमें एक साथ काम कर रही हैं। एक टीम जहां परिवार से फोन पर जानकारी जुटा रही है, वहीं दूसरी टीम उनके घर जाकर भी पूछताछ कर चुकी है। इससे स्पष्ट है कि एजेंसी पूरे घटनाक्रम की कड़ी-दर-कड़ी समीक्षा कर रही है।
CBI ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए पटना के सचिवालय SDPO-1 और कदमकुआं, रामकृष्णा नगर व परसा बाजार थानों के थानेदारों को पूछताछ के लिए तलब किया। ये सभी अधिकारी SIT का हिस्सा थे। सूत्रों के अनुसार उनसे अलग-अलग टीमों ने अलग-अलग बयान दर्ज किए हैं।
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CBI अब पुलिस अधिकारियों के बयानों का मिलान करेगी। एजेंसी यह जांच रही है कि कहीं शुरुआती जांच में कोई चूक तो नहीं हुई। घटनास्थल की स्थिति, जुटाए गए सबूत, मेडिकल प्रक्रिया और पुलिस की कार्रवाई की पूरी समीक्षा की जा रही है।
एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि केस के शुरुआती चरण में कौन-कौन से कदम उठाए गए और SIT किन आधारों पर अपने निष्कर्ष पर पहुंची। CBI का उद्देश्य छात्रा की मौत के पीछे की वास्तविक वजह को सामने लाना और यदि कहीं लापरवाही हुई है, तो उसकी जिम्मेदारी तय करना है।