ट्रैफिक चालान माफ करवाने का सुनहरा मौका: सितंबर में चूके तो अब इस तारीख को लगेगी लोक अदालत, जानिए पूरी डिटेल

सितंबर में लोक अदालत का मौका चूक गए हैं तो निराश न हों। अब 12 दिसंबर को अगली लोक अदालत लगेगी, जहां बिना हेलमेट, सीट बेल्ट, सिग्नल तोड़ने और इंश्योरेंस जैसे छोटे-मोटे ट्रैफिक चालान बेहद कम जुर्माने पर या पूरी तरह माफ हो जाएंगे।

Updated : 27 September 2026, 4:12 PM IST
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New Delhi: यदि आपका भी ट्रैफिक चालान कटा हुआ है और आप उसे भरने या माफ करवाने के लिए सही समय का इंतजार कर रहे थे, तो आपके लिए एक काम की खबर सामने आई है। भारत में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर रोजाना हजारों की संख्या में चालान काटे जाते हैं। हालांकि, इन लंबित चालानों और मुकदमों का आसान और सस्ते तरीके से निपटारा करने के लिए देश में समय-समय पर 'लोक अदालत' का आयोजन किया जाता है। अगर आप सितंबर महीने में आयोजित हुई लोक अदालत का लाभ उठाने से चूक गए थे, तो निराश होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। जल्द ही आपको अपने चालान का निपटारा करवाने का एक और नया मौका मिलने वाला है।

अब कब आयोजित होगी अगली लोक अदालत?

भारत में कानूनी मामलों और ट्रैफिक चालान के त्वरित निपटारे के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा साल में लगभग चार बार लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है। इन विशेष अदालतों के जरिए लाखों लोगों को उनके पेंडिंग मामलों को बिना लंबी अदालती प्रक्रिया के सुलझाने का अवसर मिलता है। पिछली बार सितंबर के महीने में लोक अदालत लगाई गई थी। यदि किन्हीं कारणों से आप उस दौरान अपना चालान माफ या कम नहीं करवा पाए थे, तो अब 12 दिसंबर को अगली राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। आप इस तारीख पर जाकर अपने चालान का समाधान पा सकते हैं।

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लोक अदालत में कैसे और कितना माफ होता है चालान?

लोक अदालत का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि यहां मामलों का निपटारा बहुत कम समय और बेहद कम खर्च में हो जाता है। कई बार तो छोटे और सामान्य ट्रैफिक मामलों में जुर्माने की राशि को पूरी तरह से माफ तक कर दिया जाता है या फिर अदालत द्वारा मामूली जुर्माना लगाकर मामले को हमेशा के लिए बंद कर दिया जाता है। इससे आम नागरिकों को कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने और भारी-भरकम पेनल्टी भरने से बड़ी राहत मिल जाती है।

किन-किन मामलों के चालान हो सकते हैं माफ?

लोक अदालत में आमतौर पर रोजमर्रा के छोटे-मोटे ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की सुनवाई की जाती है। इनमें मुख्य रूप से ये चालान शामिल होते हैं-

  • बिना हेलमेट गाड़ी चलाना
  • गाड़ी चलाते वक्त सीट बेल्ट न लगाना
  • ट्रैफिक सिग्नल या रेड लाइट तोड़ना
  • वाहन की गलत पार्किंग करना
  • गाड़ी का प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) न होना
  • वाहन का बीमा (Insurance) खत्म हो जाना

इन सभी सामान्य मामलों पर लोक अदालत में सुनवाई की जाती है और कई मामलों में बिना किसी बड़े जुर्माने के ही चालान का निपटारा कर दिया जाता है।

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किन मामलों में बिल्कुल नहीं मिलती राहत?

यह जानना बेहद जरूरी है कि सभी प्रकार के ट्रैफिक चालान लोक अदालत में माफ नहीं किए जाते हैं। ट्रैफिक नियमों के गंभीर उल्लंघनों से जुड़े मामलों में लोक अदालत से किसी भी तरह की माफी या राहत नहीं मिलती है। ऐसे गंभीर मामलों में मुख्य रूप से नशे की हालत में वाहन चलाना (Drunk Driving) और हिट एंड रन जैसे आपराधिक मामले शामिल होते हैं। इन संगीन मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों के नियमों के तहत ही की जाती है।

Location :  New Delhi

Published :  27 September 2026, 4:12 PM IST

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