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हरियाणा के बहादुरगढ़ में बंदरों के झुंड ने बुजुर्ग महिला पर जानलेवा हमला कर दिया। CCTV फुटेज वायरल होने के बाद इलाके में दहशत और सोशल मीडिया पर प्रशासन की लापरवाही को लेकर गुस्सा देखने को मिल रहा है।
बहादुरगढ़ बंदर हमला (img Source: X/ Vishal JyotiDev Agarwal)
Bahadurgarh: हरियाणा के बहादुरगढ़ से सामने आई एक खौफनाक घटना ने रिहायशी इलाकों में बंदरों के बढ़ते आतंक पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे बंदरों के एक झुंड ने गली में धूप सेंक रही एक बुजुर्ग महिला पर अचानक हमला कर दिया। यह घटना 26 दिसंबर की बताई जा रही है और वीडियो सामने आते ही लोगों में डर और गुस्सा दोनों देखने को मिल रहा है।
वायरल सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, बुजुर्ग महिला अपने घर के बाहर गली में कुर्सी पर बैठी थीं। आसपास माहौल पूरी तरह शांत था। तभी अचानक तीन से चार बंदरों का एक झुंड वहां पहुंचा और बिना किसी उकसावे के महिला पर टूट पड़ा। बंदरों ने महिला के बाल खींचे, हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों पर काटना शुरू कर दिया। उम्र अधिक होने की वजह से महिला न तो खुद को बचा पाईं और न ही वहां से भाग सकीं।
बुजुर्ग महिला शान्ति से धूप में बैठी थीं, तभी बंदरों का एक झुण्ड उन पर हमला कर देता है! pic.twitter.com/K7CUmQMz4Q
— Vishal JyotiDev Agarwal 🇮🇳 (@JyotiDevSpeaks) December 31, 2025
महिला की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और किसी तरह बंदरों को भगाकर उन्हें बचाया। इसके बाद महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत को फिलहाल खतरे से बाहर बताया है। हालांकि, महिला मानसिक रूप से गहरे सदमे में हैं।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोग अपने बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं। कई परिवारों ने तो सुबह-शाम की सैर तक बंद कर दी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, बंदरों के काटने से रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा रहता है। ऐसे मामलों में तुरंत एंटी-रेबीज इंजेक्शन और जरूरी मेडिकल जांच बेहद जरूरी होती है। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि बंदरों के काटने या खरोंच लगने की स्थिति में इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें और तुरंत अस्पताल जाएं।
जैसे ही यह सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा। लोग प्रशासन और नगर निगम पर लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि जब लगातार बंदरों के हमलों की खबरें सामने आ रही हैं, तो अब तक इनके नियंत्रण के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए।
कुछ लोगों ने बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ने की मांग की है, तो कुछ ने वन विभाग और नगर प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं और जानलेवा साबित हो सकती हैं।
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स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि रिहायशी इलाकों में बंदरों के आतंक को रोकने के लिए तुरंत अभियान चलाया जाए। पिंजरे लगाने, बंदरों को पकड़कर जंगलों या सुरक्षित क्षेत्रों में छोड़ने और लोगों को जागरूक करने जैसे कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी और की जान खतरे में न पड़े। यह घटना सिर्फ एक बुजुर्ग महिला पर हमला नहीं है, बल्कि शहरी इलाकों में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक गंभीर चेतावनी है।