
Mahrajganj: महराजगंज जनपद में इस समय बारिश की कमी से सूखे जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। जिले के अधिकतर हिस्सों में धान की फसलें पीली पड़ने लगी हैं और सूखने की कगार पर हैं। किसान भारी परेशानी में हैं क्योंकि नहरों में पानी नहीं है और उन्हें डीजल पंपसेट के सहारे खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है।
किसानों के अनुसार, प्रतिदिन पंप चलाने पर 15-20 लीटर डीजल की खपत हो रही है, जिससे आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है। खेती पर खर्च इतना अधिक हो गया है कि मुनाफा होने की कोई संभावना नहीं दिख रही। स्थानीय किसानों ने प्रशासन से शीघ्र राहत की मांग की है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई या सरकारी मदद नहीं मिली, तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। नहरों में पानी की कमी के कारण किसानों को मजबूरी में बोरिंग और डीजल पंपसेट के सहारे सिंचाई करनी पड़ रही है। इस दौरान डीजल की लागत इतनी अधिक आ रही है कि उनकी खेती पर आया खर्च भी अब निकलता नहीं दिख रहा।
Mahrajganj: महराजगंज जनपद में इस समय बारिश की कमी से सूखे जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। जिले के अधिकतर हिस्सों में धान की फसलें पीली पड़ने लगी हैं और सूखने की कगार पर हैं। किसान भारी परेशानी में हैं क्योंकि नहरों में पानी नहीं है और उन्हें डीजल पंपसेट के सहारे खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है।
किसानों के अनुसार, प्रतिदिन पंप चलाने पर 15-20 लीटर डीजल की खपत हो रही है, जिससे आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है। खेती पर खर्च इतना अधिक हो गया है कि मुनाफा होने की कोई संभावना नहीं दिख रही। स्थानीय किसानों ने प्रशासन से शीघ्र राहत की मांग की है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई या सरकारी मदद नहीं मिली, तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। नहरों में पानी की कमी के कारण किसानों को मजबूरी में बोरिंग और डीजल पंपसेट के सहारे सिंचाई करनी पड़ रही है। इस दौरान डीजल की लागत इतनी अधिक आ रही है कि उनकी खेती पर आया खर्च भी अब निकलता नहीं दिख रहा।
Location : Maharajganj
Published : 27 July 2025, 4:29 PM IST
Topics : Diesel Pump Set Farmer Crisis irrigation crisis Maharajganj News (महाराजगंज न्यूज़) monsoon Paddy Crop Rain