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New Delhi: दिल्ली के जंतर-मंतर पर निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर सीधा मोर्चा खोलते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एक खुला पत्र लिखा है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर इस पत्र को साझा करते हुए आरोप लगाया कि अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे मासूम छात्रों पर बल प्रयोग किया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और पेलैट गन का इस्तेमाल हुआ, जिससे कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।
अपने पत्र में राहुल गांधी ने 19 वर्षीय छात्र साहिल का जिक्र किया, जिसकी आंख की रोशनी पेलैट गन लगने के कारण खतरे में है। राहुल गांधी ने गृहमंत्री से सीधे 3 प्रमुख सवाल पूछे हैं-
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1. पेलैट गन की अनुमति: क्या गृह मंत्रालय की तरफ से छात्रों पर पेलैट गन जैसे घातक हथियारों के इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी?
2. जवाबदेही और आदेश: अगर गृह मंत्रालय ने इसकी मंजूरी नहीं दी थी, तो फिर छात्रों पर यह घातक आदेश देने वाला कौन था?
3. सादे कपड़ों में हमलावर: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सादे कपड़ों में छात्रों पर डंडे बरसाते दिख रहे लोग कौन थे, वे पुलिसकर्मी थे या कोई बाहरी व्यक्ति/स्वयंसेवक?
राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। फिलहाल इस मुद्दे से सियासी तापमान बढ़ गया है और आने वाले दिनों में संसद तक इसकी गूंज सुनाई दे सकती है।
Location : New Delhi
Published : 26 July 2026, 4:55 PM IST