Chitrakoot Flood: आचार्य रामचन्द्र दास महराज ने चित्रकूट में चलाया ‘बाढ़ राहत अभियान’, हजारों लोगों और साधु संतों की मदद

चित्रकूट में भीषण बाढ़ के बाद प्रभावित परिवारों की मदद के लिए श्री तुलसीपीठ सेवा न्यास एवं रामानंद मिशन ने राहत अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत बाढ़ प्रभावित करीब 1000 जरूरतमंद परिवारों और आश्रमों में रहने वाले साधु-संतों तक राहत सामग्री पहुंचाने का संकल्प लिया गया है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 11 September 2026, 8:06 PM IST
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Chitrakoot: उत्तर प्रदेश का चित्रकूट जनपद इन दिनों भीषण बाढ़ की चपेट में है। रामानन्द मिशन के उपाध्यक्ष और श्री तुलसीपीठ, चित्रकूट के उत्तराधिकारी आचार्य रामचन्द्र दास महराज ने इस प्राकृतिक आपदा के बीच बाढ़ राहत अभियान शुरू किया है। इस अभियान से हजारों लोगों और साधु संतों तक राहत और मदद पहुंचाने का काम किया जाएगा। आचार्य रामचन्द्र दास महराज ने वीडियो जारी कर आम जनता से बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने और उनके द्वारा चलाये जा रहे अभियान का लाभ लेने की भी अपील की है।

बाढ़ के बाद प्रभावित परिवारों की बढ़ी मुश्किलें

चित्रकूट में आई बाढ़ ने कई परिवारों के सामने मुश्किल हालात पैदा कर दिए। बाढ़ के कारण लोगों की दैनिक जरूरतों पर असर पड़ा है। कई परिवारों के लिए घर में इस्तेमाल होने वाला जरूरी सामान जुटाना भी चुनौती बन गया है। ऐसे समय में राहत सामग्री लोगों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकती है। रामानंद मिशन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अभियान का उद्देश्य उन परिवारों और साधु-संतों तक सहायता पहुंचाना है, जो बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

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राहत किट में जरूरत का सामान शामिल

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए तैयार की गई राहत किट में रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। इसमें गद्दा, रजाई, मच्छरदानी, चादर, दरी और चटाई जैसी आवास एवं शयन से जुड़ी सामग्री शामिल की गई है। इसके अलावा राहत किट में स्वच्छता और भोजन से जुड़ी सामग्री भी रखी गई है। इसमें बाथरूम एवं स्वच्छता किट, चार थाली, चार गिलास और राशन सामग्री शामिल है। बाढ़ के बाद साफ-सफाई और भोजन की व्यवस्था सबसे बड़ी जरूरतों में होती है, इसलिए राहत किट में इन चीजों को भी जगह दी गई है।

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रामानंद मिशन ने शुरू किया बड़ा अभियान (IMG: Dynamite News)

साधु-संतों तक भी पहुंचाई जाएगी सहायता

चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के साथ-साथ आश्रमों में रहने वाले साधु-संतों को भी राहत अभियान में शामिल किया गया है। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, रामानंद मिशन के कार्यकर्ताओं ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के साथ-साथ विंध्य और जंगलों में निवास करने वाले साधु-संतों की मदद के लिए भी राहत सामग्री तैयार की है। मिशन के कार्यकर्ताओं की ओर से यह सामग्री श्री तुलसी पीठ के उत्तराधिकारी आचार्य रामचन्द्र दास जी महाराज के नेतृत्व में श्रद्धापूर्वक सौंपी गई।

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आचार्य रामचन्द्र दास ने बताया अभियान का उद्देश्य

अभियान को लेकर आचार्य रामचन्द्र दास जी महाराज ने कहा कि बाढ़ के कारण जिन परिवारों की दैनिक आवश्यकताएं प्रभावित हुई हैं, उनके जीवन में फिर से आशा, सम्मान और सहारा पहुंचाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने आमजन से भी इस सेवा अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया। उनके अनुसार, जरूरत के समय प्रभावित लोगों की मदद करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, "सेवा ही साधना है, सेवा ही समर्पण है।"

1000 परिवारों तक पहुंचाने का संकल्प

रामानंद मिशन की ओर से जारी जानकारी में कहा गया है कि इस सेवा-यज्ञ के तहत बाढ़ से प्रभावित 1000 जरूरतमंद परिवारों और आश्रमों तक आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने का संकल्प लिया गया है। राहत अभियान में शामिल सामग्री को इस तरह तैयार किया गया है कि प्रभावित परिवारों को एक साथ कई जरूरी चीजें मिल सकें। बाढ़ के बाद जहां लोगों को रहने और सोने के लिए जरूरी सामान की जरूरत है, वहीं भोजन, राशन, कपड़े और स्वच्छता सामग्री भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

Location :  Chitrakoot

Published :  11 September 2026, 8:00 PM IST

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