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महाराजगंज में कड़ाके की ठंड के कारण हार्ट अटैक का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों के अनुसार सर्दी में ब्लड प्रेशर बढ़ने, नसों के सिकुड़ने और लापरवाही से दिल पर असर पड़ता है। सही सावधानी से जोखिम कम किया जा सकता है।
Maharajganj: महाराजगंज में इन दिनों कड़ाके की ठंड का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। तापमान गिरते ही हार्ट अटैक के मामलों का खतरा बढ़ जाता है, खासकर बुजुर्गों और पहले से हृदय रोग से पीड़ित लोगों में। जिला अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार ठंड के मौसम में शरीर की रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
डॉक्टर बताते हैं कि ठंड में शरीर को गर्म रखने के लिए दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसके अलावा सुबह-सुबह ठंड में टहलना, अचानक ठंडे पानी से नहाना, अधिक धूम्रपान या शराब का सेवन भी हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ा सकता है। ठंड के कारण खून गाढ़ा हो जाता है, जिससे थक्का बनने की आशंका बढ़ती है और यह हृदय के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
बचाव के उपाय बताते हुए डॉक्टरों ने कहा कि ठंड में शरीर को पूरी तरह ढककर रखें, खासकर सिर, छाती और हाथ-पैर को गर्म कपड़ों से सुरक्षित रखें। सुबह बहुत जल्दी ठंड में बाहर निकलने से बचें और हल्की-फुल्की एक्सरसाइज घर के अंदर करें। दिल के मरीज नियमित रूप से अपनी दवाइयां लेते रहें और डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न बदलें।
साथ ही संतुलित आहार लें, नमक और तले-भुने भोजन से परहेज करें। किसी भी तरह के सीने में दर्द, सांस फूलना या अत्यधिक थकान महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर सावधानी और सही जीवनशैली अपनाकर ठंड के मौसम में हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।