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देहरादून के रानीपोखरी में प्रस्तावित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध तेज हो गया है। गुरुवार को देर शाम ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं ने मशाल जुलूस निकालकर अपने विरोध का इजहार किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से पुनर्विचार की मांग की और चेतावनी दी कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई, तो आंदोलन और तेज होगा।
रानीपोखरी में मशाल जुलूस
Dehradun: रानीपोखरी क्षेत्र में प्रस्तावित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध लगातार बढ़ रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि विश्वविद्यालय के लिए चयनित भूमि से उनकी आजीविका और स्थानीय पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया कि इस प्रस्ताव से खेती, जल स्रोत और जंगलों को नुकसान हो सकता है। उनका दावा है कि प्रशासन ने स्थानीय लोगों की राय के बिना योजना बनाई है। इस कारण ग्रामीणों में असंतोष बढ़ा है और लोग अपने हक की रक्षा के लिए आगे आए हैं।
गुरुवार देर शाम रानीपोखरी में संघर्ष समिति और क्षेत्रीय जनता ने मशाल जुलूस निकालकर विरोध जताया। जुलूस में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और महिलाएं शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मशाल लेकर क्षेत्र की गलियों में रैली निकाली।
लोगों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। कई लोगों ने कहा कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। मशाल जुलूस के दौरान शांति भंग या हिंसा जैसी कोई घटना नहीं हुई, लेकिन माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और सभी पक्षों के साथ बातचीत की जा रही है। अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि जल्द ही किसी समाधान पर पहुंचकर क्षेत्र का माहौल शांत किया जा सके। हालांकि, क्षेत्र में फिलहाल माहौल गरमाया हुआ है और सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिक गई हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
संघर्ष समिति ने कहा कि यदि प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देता, तो आंदोलन को और बड़ा और संगठित रूप दिया जाएगा। स्थानीय लोग यह भी मांग कर रहे हैं कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय के स्थान पर फिर से विचार किया जाए और पर्यावरण तथा स्थानीय लोगों की आजीविका को नुकसान न पहुंचे।