गढ़वाल की बेटी ने जीता मिस बॉलीवुड का ताज: ICU से निकल मंच पर रचा इतिहास

ढ़वाल की धरती ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यहां की बेटियां किसी से कम नहीं हैं। श्रीनगर गढ़वाल निवासी अंशिका रावत ने मिस उत्तराखंड 2025 प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा, साहस और आत्मविश्वास से ऐसा कीर्तिमान रचा जिसे सुनकर हर कोई दंग है

हरिद्वार: गढ़वाल की धरती ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यहां की बेटियां किसी से कम नहीं हैं। श्रीनगर गढ़वाल निवासी अंशिका रावत ने मिस उत्तराखंड 2025 प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा, साहस और आत्मविश्वास से ऐसा कीर्तिमान रचा जिसे सुनकर हर कोई दंग है। खास बात यह रही कि ग्रैंड फिनाले से ठीक एक दिन पहले अंशिका ICU में भर्ती थीं, लेकिन हौसले और जुनून से भरी इस बेटी ने हार नहीं मानी और ICU से सीधा मंच पर पहुंचकर ना सिर्फ अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि ‘मिस बॉलीवुड’ का खिताब भी अपने नाम कर लिया।

कोई भी मुश्किल राह में दीवार नहीं...

प्रतियोगिता के टैलेंट राउंड में अंशिका ने अपने शानदार अभिनय से जजों को इतना प्रभावित किया कि उन्हें यह खिताब प्रदान किया गया। इसके अलावा अंशिका ने चौथी रनर अप की ट्रॉफी और ‘मिस श्रीनगर’ का टाइटल भी अपने नाम किया। उनकी जीत सिर्फ एक खिताब भर नहीं है, बल्कि यह एक संदेश भी है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी मुश्किल राह में दीवार नहीं बन सकती।

जीत का परचम

ग्राउंड फिनाले के बाद अपनी जीत पर अंशिका ने कहा, “मैंने ICU में रहते हुए ही तय कर लिया था कि चाहे जो हो जाए, मैं मंच पर जरूर उतरूंगी। स्वास्थ्य चुनौती जरूर है, पर हमारे सपने और लक्ष्य इससे कहीं बड़े होते हैं। अगर हौसला हो तो कुछ भी असंभव नहीं है।” अंशिका की यह कहानी आज पूरे गढ़वाल के युवाओं के लिए एक नई मिसाल बन गई है। उनके परिवार और गांव में जश्न का माहौल है। गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक हर कोई गर्व महसूस कर रहा है कि उनकी बेटी ने विपरीत परिस्थितियों में भी हार मानने के बजाय जीत का परचम लहराया।

जज्बा हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं...

आयोजकों ने भी अंशिका के साहस को सलाम करते हुए कहा कि उनकी तरह के प्रतिभागी प्रतियोगिताओं की आत्मा होते हैं, जो दूसरों को भी हौसला और सकारात्मक सोच देते हैं। गढ़वाल की इस बहादुर बेटी ने साबित कर दिया है कि सपनों को साकार करने के लिए सिर्फ शरीर नहीं, मन और आत्मा का मजबूत होना जरूरी है।अंशिका रावत की यह जीत सिर्फ एक ताज या टाइटल नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के लिए यह संदेश है कि चुनौतियां चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, जज्बा हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं।

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Location : 
  • Uttarakhand

Published : 
  • 31 July 2025, 1:47 PM IST

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