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Udham Singh Nagar: उधम सिंह नगर जिले के किच्छा में भ्रष्टाचार का ऐसा खेल सामने आया, जिसने सरकारी दफ्तरों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। परमिशन के नाम पर वसूली कर रहा एक उद्यान निरीक्षक उस वक्त कानून के जाल में फंस गया, जब विजिलेंस टीम ने उसे 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया।
पूरा मामला तब उजागर हुआ जब लकड़ी के कारोबार से जुड़े एक ठेकेदार ने विजिलेंस विभाग की टोल-फ्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। ठेकेदार ने बताया कि उसने गुरूघाट क्षेत्र के किसानों से निजी आम के पेड़ खरीदे थे और उन्हें काटने के लिए उद्यान विभाग से अनुमति जरूरी थी। आरोप है कि आवेदन देने के बाद संबंधित निरीक्षक ने फाइल आगे बढ़ाने और परमिशन जारी करने के बदले 12 हजार रुपये की मांग की।
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शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सतर्कता विभाग ने प्राथमिक जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद सतर्कता अधीक्षक के निर्देश पर हल्द्वानी से एक विशेष ट्रैप टीम गठित की गई। पूरी योजना के तहत ठेकेदार को पैसे देने के लिए तैयार किया गया। जैसे ही उसने तय रकम निरीक्षक को सौंपी, टीम ने तुरंत दफ्तर में दबिश देकर आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी निरीक्षक को सतर्कता थाना ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में और भी पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इस तरह की वसूली का कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं चल रहा था। सतर्कता अधीक्षण के निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने इस सफल कार्रवाई के लिए टीम की सराहना की है और उन्हें नकद इनाम देने की घोषणा भी की है।
Location : Udham Singh Nagar
Published : 9 April 2026, 6:12 PM IST