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लखनऊ में संदीप सिंह हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा (इमेज सोर्स-डाइनामाइट न्यूज)
Lucknow: राजधानी लखनऊ में चर्चित प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड का पुलिस और एसटीएफ ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ और पीजीआई थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस सनसनीखेज वारदात की परतें खुली हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान दिनेश कुमार यादव पोस्ट गोहिला, थाना आलापुर अम्बेडकरनगर हाल पता ग्राम समदा थाना काकोरी, जनपद लखनऊ और मुकर्रबीन उर्फ मुबीन पुत्र नईमुद्दीन निवासी आशोपुर, थाना अलीगंज, अम्बेडकरनगर के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी नंबर प्लेट, 3300 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
गौरतलब है कि 27 मई 2026 को लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में थाना पीजीआई में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ की विभिन्न टीमों को भी खुलासे के लिए लगाया गया था।
एसटीएफ को 31 मई को सूचना मिली कि इस हत्याकांड में शामिल एक आरोपी डलौना अंडरपास के पास आने वाला है। सूचना के आधार पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर मुकर्रबीन उर्फ मुबीन को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही और पूछताछ के आधार पर मुख्य साजिशकर्ता दिनेश कुमार यादव को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में मुबीन ने बताया कि वह वर्ष 2016 से दिनेश यादव के यहां ड्राइवर का काम करता था। दिनेश का संदीप सिंह से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। संदीप सिंह लगातार शिकायतें और मुकदमे कर रहे थे, जिससे दिनेश परेशान था। इसी वजह से उसने संदीप को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
मुबीन के मुताबिक, हत्या के लिए पांच लाख रुपये में सौदा तय किया गया। दो शूटर बुलाए गए और उनके रहने की व्यवस्था भी की गई। आरोपियों ने संदीप सिंह की रेकी कर उनके आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटाई।
हत्या को अंजाम देने के लिए अमीनाबाद से एक सेकेंड हैंड अपाचे मोटरसाइकिल खरीदी गई। बाइक की असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई। इसी बाइक से कई दिनों तक रेकी की गई और फिर 27 मई को शूटरों ने संदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी नंबर प्लेट, 3300 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को पीजीआई थाने में दर्ज मुकदमे में जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है, जबकि फरार शूटरों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तो के खिलाफ थाना पीजीआई कमिश्नरेट लखनऊ में मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले में आगे की कार्यवाही में जुट गई है।
Location : Lucknow
Published : 1 June 2026, 12:55 AM IST