हरिद्वार गोलीकांड ने पकड़ा तूल, मातृ सदन आमरण अनशन पर, SIT जांच और पुलिस भूमिका पर सवाल

हरिद्वार में आत्मरक्षा में चली गोली के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मातृ सदन ने आमरण अनशन शुरू कर SIT जांच, SSP की भूमिका की समीक्षा और थाना अध्यक्ष पर कार्रवाई की मांग की है। संत समाज ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 31 January 2026, 5:48 PM IST

Haridwar: हरिद्वार में आत्मरक्षा में चलाई गई गोली का मामला अब गंभीर विवाद का रूप ले चुका है। इस प्रकरण को लेकर मातृ सदन ने आमरण अनशन का ऐलान कर दिया है। ब्रह्मचारी आत्मोधनानंद अनशन पर बैठ चुके हैं, जिससे शासन और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। संत समाज इसे न्याय और संविधान से जुड़ा मामला बता रहा है।

आम के बाग कटान और अवैध प्लाटिंग से जुड़ा मामला

पूरा विवाद आम के बाग के कटान और अवैध प्लाटिंग से जुड़ा बताया जा रहा है। फरियादी अतुल चौहान और ब्रह्मचारी सुधानंद प्रशासन के बुलावे पर उषा कॉलोनी, पंजनहेड़ी पहुंचे थे। इसी दौरान स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई और मामला हिंसक झड़प तक पहुंच गया।

लाठी-डंडों से हमले का आरोप

आरोप है कि मौके पर कॉलोनाइजर और जिला पंचायत उपाध्यक्ष से जुड़े बताए जा रहे अमित चौहान और उसके साथियों ने लाठियों से हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि हमला अचानक और जानलेवा था, जिससे मौके पर मौजूद लोगों की जान को सीधा खतरा पैदा हो गया।

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आत्मरक्षा में चली गोली

जान का खतरा महसूस होने पर अतुल चौहान ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। मातृ सदन का कहना है कि यह पूरी तरह आत्मरक्षा का मामला था, लेकिन इसके बावजूद पूरे घटनाक्रम को आपराधिक रंग दे दिया गया। संतों का आरोप है कि निष्पक्ष जांच के बजाय एकतरफा कार्रवाई की गई।

वीडियो बना रहे ब्रह्मचारी भी बनाए गए आरोपी

घटना के समय स्वामी शिवानंद सरस्वती के शिष्य और अधिवक्ता ब्रह्मचारी सुधानंद मौके पर वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। आरोप है कि उन्हें भी आरोपी बना दिया गया, जबकि उनकी भूमिका सिर्फ साक्ष्य जुटाने की थी। इसी कार्रवाई से आहत होकर मातृ सदन को आमरण अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा।

SIT जांच और अधिकारियों पर गंभीर आरोप

प्रेस वार्ता में स्वामी शिवानंद सरस्वती ने पूरे मामले की SIT जांच की मांग की। उन्होंने श्यामपुर क्षेत्र में स्वामी यतीश्वरानंद और SSP से जुड़े बताए जा रहे रिसोर्ट की निष्पक्ष जांच की भी मांग रखी। इसके साथ ही SSP परमेंद्र डोभाल की भूमिका की समीक्षा और कनखल थाना अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई गई।

संविधान के खिलाफ बताया गया फैसला

मातृ सदन का कहना है कि आत्मरक्षा में चलाई गई गोली को गैरकानूनी ठहराना संविधान और कानून की मूल भावना के खिलाफ है। संत समाज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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राजनीतिक और सामाजिक समर्थन

एक्सप्रेस वार्ता में यूकेडी के जिला एवं महानगर अध्यक्ष गोकुल रावत ने मातृ सदन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। वहीं सी प्रकोष्ठ के राकेश ध्यानी ने भी आमरण अनशन में सहयोग का ऐलान किया। इससे आंदोलन को और बल मिलने की संभावना जताई जा रही है।

Location : 
  • Haridwar

Published : 
  • 31 January 2026, 5:48 PM IST