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योगी आदित्यनाथ सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार(Source: Dynamite)
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार का दिन बड़े बदलावों का गवाह बना। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार का बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार आज दोपहर ठीक 3 बजे राजभवन में हो गया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में कुल 8 चेहरों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस विस्तार में 6 नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है, जबकि 2 मौजूदा राज्य मंत्रियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर प्रमोट कर कैबिनेट/स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेदारी दी गई है।
राजभवन में आयोजित भव्य समारोह में शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची और उनका राजनीतिक कद इस प्रकार है:
| क्रम | नाम | स्थिति | राजनीतिक पृष्ठभूमि एवं प्रभाव |
| 1 | भूपेन्द्र चौधरी | नए मंत्री | जाट समुदाय के बड़े नेता, पश्चिमी यूपी में मजबूत पकड़। |
| 2 | मनोज पाण्डेय | नए मंत्री | रायबरेली (ऊंचाहार) से विधायक, अवध-पूर्वांचल के कद्दावर ब्राह्मण चेहरा। |
| 3 | कृष्णा पासवान | नए मंत्री | खागा से लगातार तीसरी बार की विधायक, महिला एवं दलित सशक्तिकरण का चेहरा। |
| 4 | हंसराज विश्वकर्मा | नए मंत्री | वाराणसी के कद्दावर नेता, पिछड़ा वर्ग (विश्वकर्मा समाज) में गहरी पैठ। |
| 5 | कैलाश राजपूत | नए मंत्री | तिर्वा (कन्नौज) से विधायक, लोधी और पिछडा वर्ग वोट बैंक पर पकड़। |
| 6 | सुरेन्द्र दिलेर | नए मंत्री | हाथरस (खैर उपचुनाव विजेता), दिलेर परिवार की तीसरी पीढ़ी के दलित नेता। |
| 7 | सोमेन्द्र तोमर | प्रमोशन | पश्चिमी यूपी का गुर्जर चेहरा, युवाओं और किसानों के बीच लोकप्रिय। |
| 8 | अजीत पाल | प्रमोशन | पाल-बघेल समाज के नेता, कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रभाव। |
1. ब्राह्मण और दलित वोटों पर फोकस:
सपा के पूर्व मुख्य सचेतक रहे मनोज पाण्डेय को शामिल कर भाजपा ने ब्राह्मण समाज को बड़ा संदेश दिया है। वहीं, कृष्णा पासवान और सुरेन्द्र दिलेर के जरिए भाजपा ने दलित वोट बैंक, खासकर हाथरस और फतेहपुर के इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत की है।
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2. पश्चिमी यूपी और 'जाट-गुर्जर' फैक्टर:
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन के बाद बदले माहौल को देखते हुए भूपेन्द्र चौधरी और सोमेन्द्र तोमर का कद बढ़ाना भाजपा की सोची-समझी रणनीति है। इससे जाट और गुर्जर मतदाताओं को पाले में रखने की कोशिश की गई है।
3. वाराणसी और बुंदेलखंड का प्रतिनिधित्व:
पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से हंसराज विश्वकर्मा और कानपुर-बुंदेलखंड बेल्ट से अजीत पाल को बड़ी जिम्मेदारी देकर पार्टी ने क्षेत्रीय संतुलन बनाने का प्रयास किया है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस विस्तार की पूरी पटकथा 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर लिखी गई है। विपक्षी गठबंधन (सपा-कांग्रेस) के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नैरेटिव को तोड़ने के लिए भाजपा ने अपनी कैबिनेट में ओबीसी, दलित और ब्राह्मण चेहरों का एक संतुलित मिश्रण तैयार किया है।
इस फेरबदल के जरिए भाजपा ने न केवल सामाजिक समीकरणों को मजबूत किया है, बल्कि अपनी टीम को नए उत्साह और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के साथ मैदान में उतार दिया है।
इस शपथ ग्रहण के तुरंत बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी नई कैबिनेट के साथ लोक भवन रवाना होंगे, जहाँ वे भगवान श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित फिल्म 'कृष्णावतारम्' देखेंगे। यह कदम भाजपा के 'सांस्कृतिक राष्ट्रवाद' के एजेंडे को और मजबूती देने के तौर पर देखा जा रहा है।
Location : Lucknow
Published : 10 May 2026, 3:52 PM IST