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दो साल से जारी परेशानियों का दर्द आखिर उस दिन फूट पड़ा, जब बदायूं में एक महिला ने ऐसा कदम उठा लिया जिसने हर किसी को चौंका दिया। SSP ऑफिस के बाहर हुई इस घटना के पीछे क्या है पूरी कहानी, किससे थी शिकायत और क्यों नहीं मिली समय पर मदद, जानिए अंदर की पूरी सच्चाई।
जिला अस्पताल में महिला का इलाज जारी (Img: Dynamite News)
Budaun: मूसाझाग थाना क्षेत्र के गुलड़िया गांव में रहने वाली सुनीता ने एसएसपी कार्यालय के बाहर जहरील पदार्थ निगल लिया। महिला अधिकारियों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए गेट के पास ही जमीन पर बैठ गई। जहां उसके मुंह से झाग निकलने लगा और वह बेहोश हो गई।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई और आनन-फानन में महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने बताया कि समय पर इलाज मिलने से उसकी हालत में सुधार है।
परिवार का आरोप है कि गांव के कुछ दबंग पिछले दो वर्षों से उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। गाली-गलौज, धमकियां और जान से मारने की धमकी रोजमर्रा की घटना बन चुकी है। परिवार ने मूसाझाग थाने से लेकर एसपी कार्यालय तक कई बार शिकायतें दीं, लेकिन कार्रवाई के बजाय उन्हें ही थाने में बैठाकर डराया गया। मंगलवार को भी धमकी के बाद आहत सुनीता न्याय की आस में एसएसपी कार्यालय पहुंचीं और गेट के पास जहरीला पदार्थ निगल लिया।
सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसपी देहात समेत आला अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और महिला के बयान दर्ज किए। एसएसपी अंकिता शर्मा ने मामले की जांच एसपी देहात को सौंपी है और कहा कि हर तथ्य की गंभीरता से जांच की जा रही है। परिजनों ने आरोप लगाया कि मूसाझाग पुलिस ने पहले भी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया।
बदायूं में यह पहली घटना नहीं है। पिछले महीनों में कई पीड़ितों ने थानों में सुनवाई न होने पर डीएम व एसएसपी कार्यालय के बाहर आत्मघाती कदम उठाए हैं। एसएसपी ने माना कि थानों की सतर्कता में कमी रही है और सभी थाना प्रभारियों को पीड़ितों की निष्पक्ष सुनवाई के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल सुनीता का जिला अस्पताल में इलाज जारी है और हालत स्थिर बताई जा रही है। परिजनों ने कहा कि अब डर है कि हमारे साथ भी वैसा न हो जैसा पहले बड़े कांडों में हुआ। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जांच के आधार पर सख्त कार्रवाई होगी।