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कन्नौज में मासूम बच्ची के अपहरण का मामला तेजी से सुलझा, लेकिन इसके पीछे की कहानी बेहद चौंकाने वाली है। 24 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया, पर घटना के कई पहलू अभी भी सोचने पर मजबूर कर रहे हैं। बच्ची की हालत और आरोपी की मंशा को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार आरोपी (Img: Dynamite News)
Kannauj: जनपद के गुरसहायगंज क्षेत्र में 3 साल की मासूम बच्ची के अपहरण के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। एसओजी, सर्विलांस टीम और थाना गुरसहायगंज पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के कब्जे से अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, यह पूरी घटना 1 अप्रैल की है। जब ग्राम डुंडवा बुजुर्ग निवासी शाहिद अली उर्फ शानू की 3 साल पुत्री घर के बाहर खेलते समय अचानक लापता हो गई। परिजनों द्वारा काफी तलाश के बाद भी बच्ची का कोई पता नहीं चला, जिसके बाद उन्होंने थाना गुरसहायगंज में तहरीर दी। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
कन्नौज में 3 साल की मासूम बच्ची के अपहरण का सनसनीखेज खुलासा! टॉफी-बिस्कुट के बहाने बच्ची को उठाया गया, बाद में बोरे में छोड़ दिया गया। पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया।@kannaujpolice #Kannauj #Kidnapping pic.twitter.com/g268yaHUVk
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) April 2, 2026
इसके कुछ समय बाद बच्ची गांव के बाहर स्थित HM डिग्री कॉलेज के पास एक बोरे में गंभीर हालत में मिली। उसके चेहरे, आंख और हाथ पर चोटों के निशान थे। बच्ची को तत्काल जिला अस्पताल कन्नौज में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, बच्ची खतरे से बाहर है। प्राथमिक जांच में किसी प्रकार के यौन उत्पीड़न की पुष्टि नहीं हुई है, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली।
दूसरी तरफ मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में कई टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान आरोपी की पहचान अकील (32 साल) पुत्र शरीफ निवासी ग्राम डुंडवा बुजुर्ग के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई।
जानकारी के अनुसार, 2 अप्रैल की सुबह करीब 6:15 बजे पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी डुंडवा बाईपास के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर ली। खुद को घिरता देख आरोपी ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली आरोपी के बाएं पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया और मौके पर ही दबोच लिया गया।
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गिरफ्तारी के बाद आरोपी के पास से 315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने बच्ची को गलत नीयत से उठाया था और अपने घर ले जाकर उसे टॉफी-बिस्कुट खिलाए। लेकिन जब पुलिस की सघन तलाश शुरू हुई तो वह घबरा गया और बच्ची को बोरे में बंद कर HM डिग्री कॉलेज के पीछे छोड़ आया।
पुलिस ने आरोपी का मोबाइल भी जांच के लिए कब्जे में लिया है। जिसमें संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले हैं। फिलहाल आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस कार्रवाई में सर्विलांस प्रभारी निरीक्षक प्रदीप यादव, निरीक्षक अजय कुमार अवस्थी, उपनिरीक्षक विनोद कुमार कश्यप, उपनिरीक्षक दीपक कुमार सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की अहम भूमिका रही।