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इस भीषण ठंड में रात के समय मजबूरी में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर लोगों के लिये जिला प्रशासन ने रैन बसेरों की व्यवस्था की है। लेकिन रायबरेली के ऊंचाहार में कड़ाके की ठंड के बावजूद नगर पंचायत द्वारा बनाए गए रैन बसेरे में सुविधाओं का अभाव है।
भीषण ठंड से परेशान लोग
Raebareli: इस भीषण ठंड में रात के समय मजबूरी में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर लोगों के लिये जिला प्रशासन ने रैन बसेरों की व्यवस्था की है। लेकिन रायबरेली के ऊंचाहार में कड़ाके की ठंड के बावजूद नगर पंचायत द्वारा बनाए गए रैन बसेरे में सुविधाओं का अभाव है। शासन के सख्त निर्देशों के बावजूद, अस्थाई बस स्टॉप पर बनाए गए इस रैन बसेरे में केवल खानापूर्ति की गई है। जिससे मुसाफिरों और गरीबों को खुले में रात बितानी पड़ रही है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार नगर पंचायत ने अस्थाई बस स्टॉप पर एक छोटे शेड के नीचे रैन बसेरा स्थापित किया है। यहां खुले स्थान पर मात्र तीन चारपाई और बिस्तर लगाए गए हैं। रात में हवा रोकने के लिए तिरपाल का उपयोग किया जाता है, लेकिन यह ठंड से बचाव में अपर्याप्त साबित हो रहा है।
सँभल के रहने वाले एक यात्री ने बताया कि रेलवे स्टेशन ऊंचाहार की तरफ जाने वाले मार्ग के कोने पर एक अस्थाई रेन बसेरा दिखा तो वह यहां रुक गया। यहाँ दो तरफ से जगह खुली थी और 4 चारपाई लगाई हुई थी। न ही कोई ठीक से बिस्तर लगा था और न ही कोई रजाई का व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा रैन बसेरे में अलाव की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। जलावन के लिए लकड़ी का एक बड़ा बोटा रखा जाता है, जो कुछ देर जलने के बाद सुलगने लगता है। इसके अलावा, यहां रुकने वालों के लिए भोजन-पानी का कोई इंतजाम नहीं है और जगह भी पर्याप्त नहीं है।
आपको बता दें कि इस वर्ष नगर पंचायत ने रेलवे स्टेशन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और अपने कार्यालय के पास रैन बसेरा नहीं बनाया है। इसके चलते रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का इंतजार करने वाले यात्री और सीएचसी अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदार ठंड में रात गुजारने को मजबूर हैं।
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स्थानीय नागरिकों के अनुसार, पिछले वर्षों में नगर पंचायत द्वारा बनाए गए रैन बसेरों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध थीं। तब यात्रियों को ठंड से बचाने के पुख्ता इंतजाम के साथ-साथ चाय, पानी और भोजन की व्यवस्था भी की जाती थी। इस बार सुविधाओं में स्पष्ट कमी देखी जा रही है।