UP STF: ग्रेटर नोएडा में ऑनलाइन ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश, कॉलेज छात्रों को बनाया जा रहा था निशाना

उत्तर प्रदेश STF ने NCR में सक्रिय एक बड़े ऑनलाइन ड्रग्स रैकेट का खुलासा किया है। ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार आरोपी गौरव खन्ना सोशल मीडिया और डार्क वेब के जरिए विदेशी ड्रग्स मंगाकर कॉलेज छात्रों तक सप्लाई करता था। STF जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 25 May 2026, 7:02 PM IST

Greater Noida: उत्तर प्रदेश STF ने NCR में चल रहे एक बड़े ऑनलाइन ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए ग्रेटर नोएडा से आरोपी गौरव खन्ना को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, डार्क वेब और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए विदेशी ड्रग्स की सप्लाई कर रहा था। STF की जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क का मुख्य निशाना कॉलेज और हॉस्टल में रहने वाले छात्र थे। STF के मुताबिक आरोपी गौरव खन्ना संगठित तरीके से WhatsApp और Telegram पर कम्युनिटी ग्रुप बनाकर OG, Hash, Baba Kush, गांजा और अन्य महंगे नशीले पदार्थों की बिक्री करता था। आरोपी को 24 मई 2026 को परी चौक, ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया गया।

पहले भी पकड़ा जा चुका है गिरोह का सदस्य

STF ने बताया कि इसी गैंग के एक अन्य सदस्य करण राजीव को 5 मई 2026 को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से Hash, OG, Alpha Powder, THC Oil, चाकू, कार, मोबाइल फोन और कई बैंक दस्तावेज बरामद किए गए थे। इस मामले में थाना नंदग्राम में मुकदमा दर्ज किया गया था और उसी केस में गौरव खन्ना फरार चल रहा था।

डार्क वेब और क्रिप्टो करेंसी से चलता था खेल

पूछताछ में आरोपी गौरव खन्ना ने STF को कई अहम जानकारी दी। उसने बताया कि वह डार्क वेब के जरिए अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफियाओं से संपर्क करता था और क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से भुगतान कर विदेशी ड्रग्स मंगाता था। आरोपी फर्जी पते पर कूरियर मंगाकर माल उठाता था और फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों तक पहुंचाता था। STF के अनुसार आरोपी WhatsApp और Telegram पर ब्रॉडकास्ट लिस्ट और कम्युनिटी ग्रुप बनाकर ड्रग्स का प्रचार करता था।

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कॉलेज छात्रों को बनाया मुख्य ग्राहक

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी खासतौर पर कॉलेज और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को निशाना बनाता था। वह विभिन्न कॉलेजों के WhatsApp ग्रुप में जुड़कर छात्रों को हाई क्वालिटी विदेशी ड्रग्स उपलब्ध कराने का लालच देता था। ऑनलाइन ऑर्डर मिलने के बाद आरोपी UPI के जरिए पेमेंट लेता था और Rapido, Uber, Ola तथा Porter जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए ड्रग्स की डिलीवरी करवाता था। STF का कहना है कि आरोपी ड्रग्स की पैकिंग इस तरह करता था कि वह पेन ड्राइव या इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसी दिखाई दे।

1999 से अपराध की दुनिया से जुड़ा आरोपी

STF पूछताछ में सामने आया कि आरोपी गौरव खन्ना की उम्र करीब 48 वर्ष है। उसने 1999 में फरीदाबाद के DAV PG कॉलेज से BBA किया था। पढ़ाई के दौरान ही वह आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया था। STF के अनुसार आरोपी हत्या, हत्या के प्रयास और Arms Act जैसे मामलों में पहले भी जेल जा चुका है। उसके खिलाफ हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कई मुकदमे दर्ज हैं।

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कई बैंक खातों और कंपनियों का इस्तेमाल

जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि आरोपी ने ड्रग्स कारोबार के लिए अलग-अलग बैंकों में कई खाते खुलवा रखे थे। इसके अलावा उसने दो प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां भी रजिस्टर्ड कराई थीं, जिनके बैंक खातों का इस्तेमाल इस अवैध कारोबार में किया जा रहा था। STF को अब तक आरोपी से जुड़े 17 बैंक खातों की जानकारी मिली है।

Location :  Greater Noida

Published :  25 May 2026, 7:02 PM IST