कभी नीला, कभी काला…UP के इस शिव मंदिर का रहस्य कर देगा हैरान!

शाहजहांपुर जिले का चौक इलाका आस्था और रहस्य का केंद्र बना हुआ है।मंदिर की सबसे अनोखी विशेषता यह है कि यहां एक ही स्थान पर दो शिवलिंग आपस में जुड़े हुए हैं, जिन्हें स्वयंभू (स्वयं प्रकट) माना जाता है। ये शिवलिंग समय-समय पर...पढ़ें पूरी खबर

Updated : 24 May 2026, 8:38 PM IST
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Choksi Nath Temple Shahjahanpur: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले का चौक इलाका आस्था और रहस्य का केंद्र बना हुआ है। यहां स्थित प्राचीन चौकसी नाथ मंदिर शिव भक्तों की गहरी श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। इस मंदिर की सबसे अनोखी विशेषता यह है कि यहां एक ही स्थान पर दो शिवलिंग आपस में जुड़े हुए हैं, जिन्हें स्वयंभू (स्वयं प्रकट) माना जाता है।

शिवलिंग समय-समय पर बदलते हैं रंग

मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार, ये शिवलिंग समय-समय पर अपना रंग बदलते रहते हैं। कभी ये नीले, कभी भूरे और कभी काले रंग के दिखाई देते हैं, जिसे देखने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।मंदिर के मुख्य पुजारी विजय गिरी के अनुसार, इस पवित्र स्थल का इतिहास उनके पूर्वज पंडित सुखलाल से जुड़ा है, जिन्हें स्वयं भगवान भोलेनाथ के दर्शन प्राप्त हुए थे। तभी से उनका परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी इस मंदिर की सेवा और देखरेख करता आ रहा है। वर्तमान में उनकी नौवीं पीढ़ी इस मंदिर की जिम्मेदारी संभाल रही है।

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दर्शन और जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण

श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां दर्शन और जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और क्षेत्र की प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा होती है। यही कारण है कि यह मंदिर आज भी आस्था और चमत्कार का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

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जनकल्याण की एक अनूठी परंपरा

वहीं इस मंदिर  से जनकल्याण की एक अनूठी परंपरा जुड़ी है। पुजारी के अनुसार,  जब  कभी क्षेत्र में भीषण सूखा पड़ जाता है तो दोनों शिवलिगों को पूरी तरह जल से सराबोर कर दिया जाता है।  ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से  क्षेत्र में वर्षा जरुर होती है। लोगों का ऐसा विश्वास है कि प्राकृतिक आपदाओं के समय स्थानीय लोग सबसे पहले चौकसी नाथ की मंदिर में आते हैं।

हजारों की संख्या में दर्शन के लिए पहुंचते हैं  

यहां अमावस्या का दिन  काफी उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर मंदिर परिसर में एक मेला लगता है, जहां हजारों की संख्या में भक्त महादेव के दर्शन करने पहुंचते हैं।  भक्तों की मान्यता के अनुसार , संकट के समय भोलेनाथ के द्वार पर मत्था टेकने से हर बाधा दूर होती है।

Location :  Shahjahanpur

Published :  24 May 2026, 8:38 PM IST

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