यूपी के अधिकारियों का बदलेगा अंदाज, अब AI और मैक्रो इकॉनमिक्स सीखेंगे PCS अफसर और पुलिसकर्मी

यूपी के पीसीएस अधिकारी अब एआई और मैक्रो इकॉनमिक्स की ट्रेनिंग लेंगे। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को भी जनता से बेहतर व्यवहार सिखाने के लिए खास कोर्स शुरू कर दिया गया है। पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 14 October 2026, 10:23 AM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलने वाला है। अब राज्य के प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) यानी पीसीएस अधिकारियों को सिर्फ दफ्तर की घिसी-पिट्टी फाइलों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीक और भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार किया जाएगा।

इसके तहत अब ये अधिकारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से लेकर मैक्रो इकॉनमिक्स तक के कठिन और आधुनिक विषयों की खास ट्रेनिंग लेंगे। कार्मिक विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है।

करियर के अलग-अलग चरणों में होगी खास ट्रेनिंग

इस नई व्यवस्था के तहत अधिकारियों को उनकी सेवा के अनुभव के आधार पर अलग-अलग चरणों में प्रशिक्षित किया जाएगा। नए अधिकारियों, पांच साल की सेवा पूरी कर चुके अफसरों, दस साल का कार्यकाल देख चुके लोगों और प्रोन्नत डिप्टी कलेक्टरों के लिए विशेष पाठ्यक्रम तैयार किए गए हैं। शुरुआत में दो महीने का फाउंडेशन कोर्स होगा, जिसके बाद आठ दिन का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा।

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इसके बाद दो महीने का प्रोफेशनल ट्रेनिंग फेज-1 और छह महीने की ऑन-द-जॉब जिला ट्रेनिंग होगी। इसके बाद फेज-2 की ट्रेनिंग पूरी होगी। पांच और दस साल की सेवा पूरी होने पर राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों जैसे आईआईएम या नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (NCGG) के सहयोग से मिड-करियर ट्रेनिंग दी जाएगी।

सिर्फ फाइलें नहीं, अब जनता का दिल जीतेंगे पुलिसवाले

प्रशासनिक सुधारों की इस कड़ी में सिर्फ बाबूशाही तक बदलाव सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस विभाग में भी एक नया सवेरा लाने की तैयारी हो चुकी है। अक्सर आम जनता और पुलिस के बीच दूरी या खौफ की खबरें सामने आती रहती हैं, जिसे बदलने के लिए अब खाकी को 'कोमल व्यवहार' (सॉफ्ट स्किल्स) का पाठ पढ़ाया जा रहा है।

टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज (TISS), मुंबई और यूपी पुलिस ट्रेनिंग निदेशालय की संयुक्त पहल पर 'सक्षम पुलिसिंग' ट्रेनिंग का धमाकेदार आगाज किया गया है। डीजी ट्रेनिंग राजीव सभरवाल की अगुवाई में शुरू हुए इस कार्यक्रम के तहत चुनिंदा पुलिस अफसरों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जो आगे चलकर अपने साथियों को यह हुनर सिखाएंगे।

क्रोध प्रबंधन और विवाद सुलझाने के गुर सीखेंगे सिपाही

पुलिस ट्रेनिंग के पहले दिन एडीजी ट्रेनिंग डॉ. बीडी पॉलसन, डीआईजी ट्रेनिंग देव रजन वर्मा और टीआईएसएस की डीन प्रो. मधुश्री शेखर जैसे दिग्गज विशेषज्ञ मौजूद रहे। इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को आम जनता से बात करने का सही ढंग सिखाना, उनकी शिकायतों को ध्यान से सुनना और उनके तनाव को समझना है। साथ ही, ड्यूटी के दौरान गुस्सा और तनाव संभालने तथा आपसी झगड़ों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के विशेष तरीके भी सिखाए जा रहे हैं।

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प्रशासनिक दक्षता से सुधरेगी जनता की तकदीर

सरकार के इस दोहरे कदम एक तरफ जहां पीसीएस अफसरों को आधुनिक अर्थशास्त्र और एआई का ज्ञान देकर तकनीकी रूप से मजबूत करना है, तो वहीं दूसरी तरफ पुलिस बल को मानवीय संवेदनाओं से लैस करना है से साफ जाहिर होता है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश का शासन और प्रशासन जनता के प्रति बेहद संवेदनशील और स्मार्ट बनने वाला है। इन बदलावों के नतीजे आने वाले दिनों में धरातल पर नजर आने की पूरी उम्मीद है।

Location :  Lucknow

Published :  14 October 2026, 10:23 AM IST

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