आम आदमी पार्टी की अमेठी इकाई ने शीर्ष नेतृत्व के आवाहन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई कथित ट्रेड डील को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। आप जिला अध्यक्ष अनुराग शुक्ला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर समझौते को तत्काल निरस्त… पढ़ें पूरी खबर

मोदी-ट्रंप ट्रेड डील पर सियासी घमासान
अमेठी: आम आदमी पार्टी की अमेठी इकाई ने शीर्ष नेतृत्व के आवाहन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई कथित ट्रेड डील को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। आप जिला अध्यक्ष अनुराग शुक्ला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर समझौते को तत्काल निरस्त करने तथा किसानों और आम नागरिकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है
क्या है पूरी खबर?
आम आदमी पार्टी के अमेठी जिला अध्यक्ष अनुराग शुक्ला के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के आप कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी को सौंपा।आप जिला अध्यक्ष अनुराग शुक्ला ने कहा कि इस ट्रेड डील की शर्तों, संभावित लाभार्थियों और इसके दूरगामी प्रभावों को लेकर सरकार ने संसद और जनता के सामने पूरी पारदर्शिता नहीं दिखाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आर्थिक समझौते पर व्यापक चर्चा और सभी पक्षों को विश्वास में लेना आवश्यक था। मोदी-ट्रंप ट्रेड डील को तत्काल निरस्त करने में ही देश की भलाई है। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के आवाहन पर आज ज्ञापन दिया गया है यदि समय रहते यह फैसला ना बदला तो योजना बद्ध तरीके से विशाल आंदोलन होगा।
उद्योगपति अडानी को अमेरिका में समन जारी...
दिए गये ज्ञापन में लिखा है कि यह तथ्य सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ भारतीय उद्योग समूहों (अडानी) के विरुद्ध जांच, समन और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित कार्यवाहियाँ चल रही हैं। ऐसे समय में जब देश के प्रमुख उद्योगपति अडानी को अमेरिका में समन जारी होने, एप्स्टीन प्रकरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम आने जैसी घटनाएँ सामने आई हैं, तब मोदी-ट्रंप ट्रेड डील की समय-संवेदनशीलता और इसके पीछे की प्राथमिकताओं पर स्वाभाविक प्रश्न उठते हैं।
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कॉरपोरेट समूहों को लाभ
देश यह भी भूला नहीं है कि राफेल सौदे के दौरान अनिल अंबानी की महज़ 12 दिन पुरानी कंपनी को ऑफसेट पार्टनर बनाए जाने को लेकर व्यापक सार्वजनिक बहस और गंभीर प्रश्न उठे थे। उस समय भी यह आरोप लगा था कि सरकारी नीतिगत निर्णयों से चुनिंदा कॉरपोरेट समूहों को लाभ पहुंचाया गया। आज जब मोदी-ट्रंप ट्रेड डील सामने आई है, तो यह आवश्यक है कि यह स्पष्ट किया जाए कि कहीं यह डील भी किसी विशेष उद्योग समूह को लाभ पहुंचाने की मंशा से तो नहीं की गई।
अमेरिका के सामने गिरवी
मोदी सरकार पर आरोप है कि उसने देश के करोड़ों किसानों के हितों को अमेरिका के सामने गिरवी रख दिया है, क्योंकि इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत टैक्स लगाएगा जबकि भारत अमेरिकी उत्पादों पर ० जीरो प्रतिशत टैक्स वसूलेगा, और सबसे गंभीर बात यह है कि भारत का कृषि बाजार अमेरिकी किसानों के लिए खोल दिया गया है, जिन्हें वहां लगभग 80 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलती है; ऐसे में भारतीय