यूपी के छात्रों के लिए राहत की खबर… विश्वविद्यालय-कॉलेजों में आवारा कुत्तों के लिए उठाया गया ये खास कदम

उत्तर प्रदेश में विश्वविद्यालय और कॉलेज अब नोडल अधिकारियों की निगरानी में रहेंगे। आवारा कुत्तों से सुरक्षा, सफाई और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यूजीसी ने सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को निर्देश जारी किए हैं।

Updated : 20 December 2025, 3:42 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में आवारा कुत्तों की निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के आदेश और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है। उच्च शिक्षा संस्थानों को आवारा कुत्तों से बचाव और परिसर में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।

कॉलेज-कॉम्प्लेक्स में बढ़ेगी सुरक्षा

राजधानी लखनऊ में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, एकेटीयू समेत कई प्रमुख विश्वविद्यालयों और कॉलेजों ने नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी न केवल आवारा कुत्तों की गतिविधियों पर निगरानी रखना होगी, बल्कि परिसर की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को भी दुरुस्त रखना होगा। इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह भी है कि नोडल अधिकारी का नाम और संपर्क नंबर संस्थान के मुख्य गेट पर प्रदर्शित करना होगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में विद्यार्थी और स्टाफ उनसे तुरंत संपर्क कर सकें।

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यूजीसी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक विश्वविद्यालय और कॉलेज अपने परिसर में आवारा कुत्तों की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखे। नोडल अधिकारियों को आवारा कुत्तों के व्यवहार, संख्या और सुरक्षा जोखिम की रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों और निकायों को भेजनी होगी। इस प्रकार की रिपोर्टिंग से संस्थानों को समय पर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सकेगा।

नोडल अधिकारी का आवारा कुत्तों पर होगा नजर

इसके अतिरिक्त, बेसिक शिक्षा विभाग ने भी सभी बीएसए (ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे स्कूलों और संस्थानों को चिन्हित करें, जहां आवारा कुत्तों से सुरक्षा की व्यवस्था की जरूरत हो। इससे सुनिश्चित होगा कि उच्च शिक्षा संस्थानों के साथ-साथ प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा संस्थानों में भी बच्चों और स्टाफ की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित हो।

विशेषज्ञों का कहना है कि आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या न केवल छात्रों और स्टाफ के लिए खतरा है, बल्कि परिसर की सफाई और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से भी जोखिम पैदा कर सकती है। इस कदम से न केवल सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए भय और असुविधा कम होगी।

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यूपी सरकार और उच्च शिक्षा संस्थानों की इस पहल को छात्रों और अभिभावकों द्वारा सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। छात्र अब परिसर में सुरक्षित महसूस कर सकेंगे और प्रशासन को समय-समय पर आवारा कुत्तों की गतिविधियों के बारे में अपडेट मिल सकेगा।

Location : 
  • Lucknow

Published : 
  • 20 December 2025, 3:42 PM IST

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