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खनन विभाग में बड़ा एक्शन (Img: AI Generated Image)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में खनन विभाग एक बार फिर चर्चा में है। कुशीनगर और फर्रुखाबाद से सामने आए दो अलग-अलग मामलों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर अवैध खनिज परिवहन से जुड़े मामलों में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर कुशीनगर के खान अधिकारी को निलंबित कर दिया गया, वहीं दूसरी ओर फर्रुखाबाद में खनन अधिकारी को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
कुशीनगर जिले में अवैध खनिज परिवहन से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। विभागीय पोर्टल की जांच और जिलाधिकारी के स्तर पर कराई गई पड़ताल में पाया गया कि कई मामलों में जारी चालान और नोटिस बिना पर्याप्त कारण के निरस्त कर दिए गए थे। जांच रिपोर्ट के अनुसार, खान अधिकारी अभिषेक सिंह द्वारा ऐसे फैसले लिए गए जिनके समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं थे। इससे राजस्व हानि की आशंका भी जताई गई। अधिकारियों ने माना कि संबंधित मामलों में निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं किया गया।
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प्रारंभिक जांच के निष्कर्षों में खान अधिकारी अभिषेक सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गई। रिपोर्ट में कहा गया कि उन्होंने अपने दायित्वों का अपेक्षित तरीके से निर्वहन नहीं किया और कई मामलों में प्रशासनिक मानकों की अनदेखी की गई। इन्हीं तथ्यों के आधार पर शासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की संस्तुति भी की गई है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और आगे और तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
प्रकरण को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी कुशीनगर को भी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने कहा है कि नियमों के अनुसार संबंधित धनराशि की वसूली सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा पूरे मामले की निगरानी उच्च स्तर पर की जा रही है ताकि किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता को नजरअंदाज न किया जा सके।
इधर फर्रुखाबाद से भी खनन विभाग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां विजिलेंस टीम ने खनन अधिकारी संजय सिंह को कथित रूप से 24 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद की गई। आरोप है कि खनन से संबंधित अनुमति दिलाने के नाम पर रकम की मांग की गई थी। शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और अधिकारी को उनके आवास पर ही पकड़ लिया।
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बताया जा रहा है कि एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य से खनन परमिशन के नाम पर 24 हजार रुपये मांगे गए थे। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग ने पूरे मामले की जांच की और फिर कार्रवाई को अंजाम दिया। जैसे ही अधिकारी के पकड़े जाने की खबर सामने आई, विभागीय कर्मचारियों और स्थानीय प्रशासन में हलचल बढ़ गई। कार्रवाई के बाद विजिलेंस टीम उन्हें फतेहगढ़ कोतवाली लेकर पहुंची, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर निगरानी और सख्त किए जाने की संभावना है। शासन पहले ही अवैध खनन और खनिज परिवहन पर नियंत्रण को लेकर कई निर्देश जारी कर चुका है।
Location : Lucknow
Published : 19 June 2026, 8:06 PM IST