यूपी बोर्ड की कॉपियों में इस बार दिखेंगे नए रंग, कवर पर QR कोड से होगी पहचान; हाईस्कूल और इंटर की कॉपियों में क्या-क्या बदलेगा

यूपी बोर्ड परीक्षा 2027 में इस बार विद्यार्थियों को पहले जैसी कॉपियां नहीं मिलेंगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने उत्तर पुस्तिकाओं के कवर पर क्यूआर कोड लगाने और हाईस्कूल-इंटर की ए व बी कॉपियों के रंग अलग रखने का फैसला किया है। कॉपियों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी भी होगी।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 4 November 2026, 10:03 PM IST
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Meerut: यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल होने जा रहे विद्यार्थियों के लिए इस बार उत्तर पुस्तिकाओं का स्वरूप बदला हुआ नजर आएगा। परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने वर्ष 2027 की परीक्षाओं के लिए नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। अब विद्यार्थियों को मिलने वाली उत्तर पुस्तिकाओं के मुख्य कवर पर क्यूआर कोड दर्ज होगा। इसे स्कैन करने पर माध्यमिक शिक्षा परिषद का लोगो दिखाई देगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में नकलविहीन परीक्षा कराने और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों को रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं के स्वरूप में बदलाव किया है। नई व्यवस्था का मकसद कॉपियों की पहचान, निगरानी और सुरक्षा को पहले से अधिक प्रभावी बनाना है।

ए और बी कॉपियों के रंग भी होंगे अलग

यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के रंग भी अलग-अलग निर्धारित किए हैं। नई व्यवस्था के तहत हाईस्कूल की ए कॉपी गहरे नारंगी रंग की होगी, जबकि बी कॉपी गहरे नीले रंग में मिलेगी।

वहीं, इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को ए कॉपी बैंगनी और बी कॉपी हरे रंग की दी जाएगी। दोनों कक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं पर एक जैसा मुख्य कवर और क्यूआर कोड रहेगा। रंगों के अलग-अलग निर्धारण से परीक्षा के दौरान कॉपियों की पहचान करने और उनके वितरण में आसानी होगी। साथ ही उत्तर पुस्तिकाओं के स्वरूप में भी एकरूपता बनी रहेगी।

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24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेंगी कॉपियां

बोर्ड ने केवल उत्तर पुस्तिकाओं का स्वरूप ही नहीं बदला है, बल्कि उनकी सुरक्षा को लेकर भी खास व्यवस्था की है। नई व्यवस्था के तहत उत्तर पुस्तिकाओं को 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी वाले सुरक्षित कक्ष में रखा जाएगा।

इसके अलावा कॉपियों के बंडलों पर दर्ज सीरियल नंबर का रिकॉर्ड रजिस्टर में रखा जाएगा। इससे कॉपियों के भंडारण से लेकर उनके वितरण और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पर नजर रखी जा सकेगी। इस तरह उत्तर पुस्तिकाओं की पहचान के लिए क्यूआर कोड और उनकी सुरक्षा के लिए सीसीटीवी निगरानी का इंतजाम किया जाएगा।

5 से 24 फरवरी 2027 तक प्रस्तावित हैं परीक्षाएं

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 5 फरवरी से 24 फरवरी 2027 तक प्रस्तावित हैं। मेरठ जिले में इस बार करीब 1.21 लाख परीक्षार्थियों के शामिल होने की संभावना है। पिछले वर्ष जिले में 154 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों पर करीब 1.21 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इनमें हाईस्कूल के लगभग 60 हजार और इंटरमीडिएट के करीब 61 हजार परीक्षार्थी शामिल थे।

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इस बार भी विद्यार्थियों की संख्या लगभग इसी स्तर पर रहने की संभावना जताई जा रही है। इसे देखते हुए परीक्षा केंद्रों के निर्धारण से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं की उपलब्धता तक की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

बोर्ड के निर्देशों के अनुसार होगी तैयारी

जिला विद्यालय निरीक्षक जगदीश प्रकाश शुक्ल ने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं का प्रारूप और उनका निर्धारण बोर्ड स्तर से किया जाता है। नए दिशा-निर्देश मिलने के बाद जिले में उसी के अनुसार व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां बोर्ड के निर्देशों के अनुसार पूरी कराई जाएंगी। नई व्यवस्था से उत्तर पुस्तिकाओं की पहचान और सुरक्षा को मजबूत बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

Location :  Meerut

Published :  4 November 2026, 10:03 PM IST

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