यूपी चुनाव: भाजपा ने दिनेश प्रताप सिंह को बनाया मुख्य प्रवक्ता, जानिये उनके बारे में

उत्तर प्रदेश भाजपा ने अपनी बहुप्रतीक्षित संगठनात्मक सूची जारी कर दी है। पार्टी ने राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह को अपना नया मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया है। जानिए सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ चुके दिनेश सिंह के राजनीतिक सफर के बारे में।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 25 June 2026, 1:34 PM IST
google-preferred

Lucknow: उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक चुनौतियों और संगठनात्मक फेरबदल को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने पदाधिकारियों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी है। पार्टी आलाकमान ने कुल 62 चेहरों को संगठन में अलग-अलग महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस नई सूची में 19 उपाध्यक्ष, 8 महामंत्री, 19 मंत्री, 6 क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, 3 कार्यालय मंत्री, 1 मुख्य प्रवक्ता, 2 मीडिया संयोजक और 6 मोर्चों के प्रदेश अध्यक्षों के नामों की घोषणा की गई है।

इस सूची में कई चर्चित चेहरों को जगह मिली है, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह, पूजा पाल और पूर्व मंत्री सुरेश राणा को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, योगी सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह को उत्तर प्रदेश भाजपा का मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया गया है।

कौन हैं दिनेश प्रताप सिंह?

उत्तर प्रदेश की सियासत में दिनेश प्रताप सिंह एक जाना-माना और कद्दावर नाम हैं। 3 अक्टूबर 1967 को उत्तर प्रदेश के रायबरेली में जन्मे दिनेश प्रताप सिंह (उम्र 58 वर्ष) वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दिनेश प्रताप सिंह का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प और उतार-चढ़ाव से भरा रहा है।

यूपी भाजपा में 19 उपाध्यक्ष, 8 महामंत्री, 19 मंत्री, 6 मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष; जानिये संगठन ने कैसे साधा संतुलन?

उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी से ही की थी, लेकिन बाद में वे साल 2010 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) में शामिल हो गए थे। कांग्रेस के टिकट पर उन्होंने साल 2010 में पहली बार रायबरेली स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र से उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) का चुनाव जीता और साल 2016 में वे दोबारा विधान परिषद सदस्य चुने गए।

रायबरेली में सोनिया और राहुल को दी कड़ी चुनौती

कांग्रेस में रहने के दौरान दिनेश प्रताप सिंह का विवादों से भी नाता रहा। साल 2017 में रायबरेली स्थानीय नेताओं और कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों के बाद उन्हें कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद साल 2018 में उन्होंने औपचारिक रूप से कांग्रेस छोड़ दी और वापस भाजपा का दामन थाम लिया।

भाजपा ने उन पर बड़ा भरोसा जताते हुए साल 2019 के लोकसभा चुनाव में रायबरेली संसदीय सीट से सोनिया गांधी के खिलाफ मैदान में उतारा। इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद, हालिया लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें एक बार फिर रायबरेली से राहुल गांधी के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारा था, जहां वे दूसरे स्थान पर रहे।

दिनेश प्रताप सिंह ने खोला विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड, इन अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

मंत्री पद से लेकर संगठन में मुख्य प्रवक्ता बनने तक की कहानी

गांधी परिवार को उनके ही गढ़ में चुनौती देने के इनाम के तौर पर भाजपा ने दिनेश प्रताप सिंह को लगातार सांगठनिक और प्रशासनिक मजबूती दी। साल 2022 में भाजपा के टिकट पर उन्होंने रिकॉर्ड मतों के अंतर से तीसरी बार विधान परिषद (MLC) का चुनाव जीता।

इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार में उन्हें राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नियुक्त किया गया। वर्तमान में वे बागवानी, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार और कृषि निर्यात जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

Location :  Lucknow

Published :  25 June 2026, 1:34 PM IST

Related News

Advertisement