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प्रतीकात्मक छवि (सोर्स-Pinterest)
Lucknow: उत्तर प्रदेश की बैंकिंग प्रणाली इस समय एक बड़े वित्तीय संकट से जूझ रही है। प्रदेश में बैंकों का करीब एक लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम कर्ज एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) में तब्दील हो चुका है। रिजर्व बैंक और राज्य सरकार को सौंपी गई संयुक्त रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 तक कृषि, एमएसएमई और प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों में कुल 99,481 करोड़ रुपये का ऋण डूब चुका है। आंकड़ों का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि इन क्षेत्रों के 41.73 लाख से अधिक ऋण खाते बंद या डिफॉल्ट की श्रेणी में आ चुके हैं।
रिपोर्ट से उजागर हुए तथ्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की घटती कर्ज चुकाने की क्षमता पर बड़ा सवाल खड़ा करते हैं। प्रदेश में सबसे गंभीर स्थिति कृषि क्षेत्र की है, जहां बैंकों द्वारा बांटे गए कुल ऋण का 12.97 प्रतिशत हिस्सा डूब चुका है। आसान शब्दों में कहें तो कृषि क्षेत्र में दिया गया लगभग हर आठवां रुपया (8 में से 1 लोन) एनपीए बन चुका है।
कुल वितरित कृषि ऋण: 2,60,154 करोड़ रुपये
फंसा हुआ एनपीए कर्ज: 33,748 करोड़ रुपये
एनपीए कृषि खाते: 30,12,365 (जो कुल एनपीए खातों का करीब 72% है)
कारोबारी और अन्य प्राथमिक क्षेत्रों की स्थिति भी पूरी तरह से चिंतामुक्त नहीं है, हालांकि कृषि के मुकाबले यहां का आंकड़ा थोड़ा कम है।
एमएसएमई (MSME) क्षेत्र: इस क्षेत्र में बैंकों का कुल 3,02,481 करोड़ रुपये का ऋण बकाया है। इसमें से 15,070 करोड़ रुपये एनपीए हो चुका है, जो कुल बकाया कर्ज का 4.98 प्रतिशत है। इस सेक्टर के 9,47,156 ऋण खाते गैर-निष्पादित हैं।
प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र: इस सेक्टर में कुल 50,663 करोड़ रुपये की राशि एनपीए घोषित की जा चुकी है, जो कि 6.81 प्रतिशत के स्तर पर है।
कुल एनपीए खातों की हिस्सेदारी पर नजर डालें तो इसमें कृषि क्षेत्र का दबदबा (लगभग 72%) सबसे ज्यादा है, जबकि एमएसएमई की हिस्सेदारी करीब 23 प्रतिशत है।
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एनपीए के इस विशाल आंकड़े के बीच बैंकों के लिए फंसे हुए पैसों की रिकवरी करना एक पहाड़ जैसी चुनौती साबित हो रहा है।
बड़ी देनदारी: तहसील स्तर पर वर्तमान में 9,32,565 वसूली प्रमाणपत्र (Recovery Certificates) लंबित पड़े हुए हैं। इनके जरिए बैंकों की करीब 17,856.36 करोड़ रुपये की मोटी देनदारियां फंसी हुई हैं, जिनकी निकासी न हो पाने से बैंकों का वित्तीय संतुलन प्रभावित हो रहा है।
Location : Lucknow
Published : 24 July 2026, 9:57 AM IST
Topics : RBI NPA Report UP UP Bank NPA News UP Banking Crisis UP Farmers Agricultural Loan Default UP MSME Loan NPA
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