क्‍या होता है अनुपूरक बजट? यूपी में किस विभाग की चमकी किस्मत और किसे क्या मिला, जानें यहां

उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन योगी सरकार ने करोड़ों का अनुपूरक बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा पेश इस बजट का बड़ा हिस्सा इन विभाग को मिला है। आइए जानते हैं अनुपूरक बजट के बारे में।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 4 August 2026, 4:48 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन योगी सरकार ने 59,019.54 करोड़ रुपये का सप्लीमेंट्री बजट (अनुपूरक बजट) पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदन में बजट पेश किया। सरकार का कहना है कि इन अतिरिक्त फंड का इस्तेमाल रुके हुए प्रोजेक्ट्स को पूरा करने और नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए किया जाएगा। वहीं, विपक्ष ने बजट को लेकर सवाल उठाए और सदन में हंगामा किया।

अनुपूरक बजट क्या है?

सरकार हर साल मुख्य बजट पेश करती है। हालांकि, अगर साल के बीच में किसी योजना के लिए अतिरिक्त फंड की जरूरत हो या कोई नई योजना शुरू करनी हो, तो सरकार अनुपूरक बजट लाती है। दूसरे शब्दों में, मूल रूप से नियोजित बजट के अलावा अतिरिक्त फंड की व्यवस्था की जाती है।

किसको कितना फंड मिला?

इस अनुपूरक बजट में रेवेन्यू खर्च के लिए 17,399.50 करोड़ रुपये और कैपिटल खर्च के लिए 41,620.04 रुपये करोड़ आवंटित किए गए हैं। भारी और मध्यम उद्योग विभाग को सबसे बड़ा हिस्सा 22,107.88 करोड़ रुपये मिला। ग्रामीण विकास विभाग को 17,942.73 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जबकि बिजली विभाग के लिए 7,422.27 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।

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इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग को 2,025 करोड़ रुपये, समाज कल्याण विभाग को 1,655 करोड़ रुपये, महिला कल्याण विभाग को 1,094.40 करोड़ रुपये और लोक निर्माण विभाग (PWD) को 700.01 करोड़ रुपये मिले। नई जरूरतों और योजनाओं के लिए 7,854.25 करोड़ रुपये का अलग से आवंटन किया गया है।

किन योजनाओं को हो सकता है फायदा?

इस बजट के जरिए सरकार कई योजनाओं को आगे बढ़ाने की योजना बना रही है। आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाया जा सकता है। किसानों के बच्चों के लिए बढ़ी हुई स्कॉलरशिप, मेधावी छात्राओं के लिए 'स्कूटी' योजना और वकीलों के लिए कैशलेस इलाज जैसी योजनाओं को भी फायदा हो सकता है। बजट में मनरेगा और अन्य लंबित भुगतानों के लिए भी प्रावधान किए गए हैं।

विपक्ष ने क्यों किया विरोध?

बजट पेश होने से पहले समाजवादी पार्टी के नेताओं ने विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। सदन के अंदर विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार पहले पास किए गए बजट की धनराशि का पूरी तरह से इस्तेमाल करने में नाकाम रही है। ऐसे में नया सप्लीमेंट्री बजट लाने का क्या मतलब था?

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दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि यह बजट किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों को फायदा पहुंचाने वाली योजनाओं को समय पर पूरा करने और विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए लाया गया है।

Location :  Lucknow

Published :  4 August 2026, 4:48 PM IST

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