जिस पर उठे सवाल, उसी ने खोले पत्ते! राम मंदिर दान राशि मामले में टिन्नू के खुलासे से मचा हड़कंप

श्रीराम मंदिर की दान राशि में गड़बड़ी के मामले में चर्चा में आए रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने कैमरे के सामने आकर कई अहम बातें कहीं हैं। उन्होंने गिनती प्रक्रिया से जुड़े लोगों के नाम बताए और अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया। टिन्नू के बयान के बाद जांच का दायरा बढ़ता नजर आ रहा है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 17 June 2026, 8:27 AM IST
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Ayodhya: श्रीराम मंदिर की दान राशि में कथित गड़बड़ी और गबन के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। लंबे समय से सवालों के घेरे में चल रहे रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू मंगलवार को कैमरे के सामने आए और उन्होंने अपने पक्ष में कई बड़े दावे किए। टिन्नू ने दान राशि की गिनती प्रक्रिया से जुड़े लोगों के नामों का खुलासा करते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया एक तय व्यवस्था के तहत होती थी और इसमें कई जिम्मेदार लोग शामिल थे। उनके इस बयान के बाद अब जांच की दिशा कई और लोगों की तरफ बढ़ती नजर आ रही है।

टिन्नू ने दावा किया कि दान राशि की गिनती की जिम्मेदारी ट्रस्ट से जुड़े अनिल मिश्रा की देखरेख में होती थी। उन्होंने कहा कि कैश से जुड़ी पूरी प्रक्रिया अनिल मिश्रा की निगरानी में चलती थी। इसके साथ ही उन्होंने तीन अन्य लोगों के नाम भी बताए, जो गिनती प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते थे। अब ये सभी नाम जांच एजेंसी की नजर में आ गए हैं।

गिनती प्रक्रिया को लेकर टिन्नू ने बताए कई अहम तथ्य

रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने बताया कि दान राशि की गिनती के लिए तीन इंचार्ज बनाए गए थे। इनमें दीनानाथ वर्मा, प्रकाश गुप्ता और सुभाष श्रीवास्तव शामिल थे। उन्होंने बताया कि गिनती की प्रक्रिया एक विशेष व्यवस्था के तहत होती थी। एक चाबी ट्रस्ट के पास रहती थी, जबकि दूसरी चाबी बैंक कर्मियों के पास होती थी। दोनों चाबियों के इस्तेमाल के बाद ही ताला खोला जाता था और उसके बाद दान राशि की गिनती शुरू होती थी। टिन्नू के मुताबिक, गिनती के दौरान मौजूद सभी लोगों की भूमिका तय थी और पूरी प्रक्रिया कई लोगों की निगरानी में होती थी।

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टिन्नू का दावा- मेरे खिलाफ हो रही साजिश

बयान के दौरान टिन्नू ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अभी तक यह जानकारी नहीं है कि आखिर कौन लोग उनके खिलाफ ऐसा कर रहे हैं। टिन्नू ने कहा कि जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होने पर वास्तविक स्थिति साफ हो जाएगी।

50 करोड़ की संपत्ति के आरोपों पर भी दी सफाई

दान राशि विवाद के अलावा रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की संपत्ति को लेकर भी सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे थे। इन दावों पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी और कहा कि उनकी 50 करोड़ रुपये की संपत्ति होने की बातें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। टिन्नू ने बताया कि उन्होंने 1988 में ओटीसी किया था और 1993 में विश्व हिंदू परिषद से जुड़कर राम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि जिस जमीन और मकान को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, उसे उन्होंने वर्ष 2008 में खरीदा था।

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एलएंडटी टीम को किराए पर दिया था मकान

टिन्नू ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के दौरान एलएंडटी की टीम को उनका मकान किराए पर दिया गया था। इससे उन्हें आय भी होती रही। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर उनकी संपत्ति को लेकर जो बातें फैलाई जा रही हैं, वे सच्चाई से दूर हैं। उन्होंने कहा कि उनके जीवन और संपत्ति से जुड़े सभी तथ्य जांच में सामने आ जाएंगे। टिन्नू ने यह भी कहा कि अंतिम फैसला भगवान श्रीराम करेंगे।

जांच के घेरे में बढ़ सकते हैं नाम

टिन्नू के बयान के बाद अब इस पूरे मामले में जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। दान राशि की गिनती से जुड़े लोगों की भूमिका, प्रक्रिया की पारदर्शिता और कैश मैनेजमेंट जैसे कई सवालों की जांच की जाएगी। अब देखना होगा कि एसआईटी की पूछताछ में क्या नए तथ्य सामने आते हैं और इस मामले में आगे किन लोगों की भूमिका सामने आती है।

Location :  Ayodhya

Published :  17 June 2026, 8:27 AM IST

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