हिंदी
गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी विधायक अब्बास अंसारी को दी गई अंतरिम जमानत को पक्का कर दिया है। कोर्ट ने शर्त लगाई है कि अंसारी को उत्तर प्रदेश छोड़ने से पहले पुलिस को पूर्व सूचना देनी होगी।
विधायक अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से राहत (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Lucknow: सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मामले में उत्तर प्रदेश के विधायक अब्बास अंसारी को बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने उन्हें पहले दी गई अंतरिम जमानत को अब पक्का कर दिया है। इस फैसले के बाद अब्बास अंसारी को जेल से बाहर रहने की अनुमति मिल गई है, हालांकि कोर्ट ने उनके लिए कुछ सख्त शर्तें भी तय की हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अब्बास अंसारी को उत्तर प्रदेश राज्य छोड़ने से पहले संबंधित पुलिस और प्रशासन को इसकी पूर्व सूचना देनी होगी। कोर्ट का कहना है कि जमानत का दुरुपयोग न हो और जांच प्रक्रिया या कानून-व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े, इसके लिए शर्तों का पालन अनिवार्य होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी विधायक अब्बास अंसारी को अंतरिम जमानत दे दी है। अदालत के इस फैसले को मामले में अहम राहत के तौर पर देखा जा रहा है। आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।#SupremeCourt #AbbasAnsari #UPPolitics #InterimBail #IndianJudiciary pic.twitter.com/a5gVrd5sY6
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) January 13, 2026
गौरतलब है कि अब्बास अंसारी माफिया मुख्तार अंसारी के पुत्र हैं और उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश में गैंगस्टर एक्ट समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज केस को लेकर वह लंबे समय से न्यायिक हिरासत में थे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दी थी, जिसे अब नियमित जमानत में तब्दील कर दिया गया है।
MLA अब्बास अंसारी को कैसे मिली SC से रेगुलर बेल... पीछे की कहानी?#MLA #AbbasAnsari #regularbail #SupremeCourt #DynamiteNews pic.twitter.com/27zN6BeCtM
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) January 13, 2026
इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। समर्थकों ने इसे न्याय की जीत बताया है, वहीं विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि मामले की गंभीरता कम हो गई है। ट्रायल अपने निर्धारित समय पर चलता रहेगा और आरोपी को जांच व सुनवाई में पूरा सहयोग करना होगा।
कानूनी जानकारों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय संतुलित माना जा रहा है। अदालत ने आरोपी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और न्याय प्रक्रिया के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया है। न्यायालय ने यह सुनिश्चित किया कि जमानत मिलने के बावजूद किसी भी तरह से कानूनी प्रक्रिया प्रभावित न हो।
अब्बास अंसारी की जमानत पर यह शर्तें लागू होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि वह राज्य छोड़ने या यात्रा करने से पहले पुलिस को अवगत कराएंगे। इस फैसले से राजनीतिक और कानूनी दोनों ही स्तरों पर चर्चा तेज हो गई है, और यूपी में गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मामलों पर जनता की नजर बनी हुई है।