जन्माष्टमी रोकने का आरोप लगा तो प्रशासन ने दिया जवाब, पलहीपुर विवाद पर गरमाई सियासत; SDM ने बताई पूरी कहानी

सुलतानपुर के पलहीपुर गांव में जन्माष्टमी आयोजन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी बहस में बदल गया है। अखिलेश यादव के आरोपों के बाद जिला प्रशासन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि आयोजन पर कोई रोक नहीं लगाई गई थी।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 8 September 2026, 5:18 PM IST
google-preferred

Sultanpur: दुबेपुर विकासखंड के पलहीपुर गांव में जन्माष्टमी आयोजन को लेकर सामने आए विवाद ने अब सियासी रंग ले लिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से प्रशासन पर जन्माष्टमी आयोजन रोकने, मूर्ति हटाने और प्रसाद फेंके जाने के आरोप लगाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने इन आरोपों को निराधार और भ्रामक बताया है।

जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह के निर्देश पर एसडीएम सदर गरिमा सोनाकिया ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से जन्माष्टमी मनाने पर कोई रोक नहीं लगाई गई थी। प्रशासन ने मूर्ति या प्रसाद भी नहीं फेंका।

क्या है पूरा मामला?

एसडीएम के मुताबिक, 3 सितंबर की रात पलाहीपुर गांव में ग्राम समाज की बंजर भूमि गाटा संख्या 1679 पर बिना अनुमति चबूतरा बनाकर टेंट आदि लगाए गए थे। धार्मिक आयोजन की तैयारी की जानकारी मिलने पर राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और संबंधित लोगों को भूमि एवं निर्माण की विधिक स्थिति से अवगत कराया।

ये भी पढ़ें- बदायूं में 22 साल पुरानी कंपनी का ऐसा सच आया सामने, 200 करोड़ के खेल में फंसे मौर्या बंधु

प्रशासन का दावा है कि इसके बाद आयोजकों ने स्वयं छोटी मूर्ति को सम्मानपूर्वक हटा लिया और चबूतरा भी स्वयं तोड़ दिया। प्रशासन के अनुसार, टीम के मौके से चले जाने के बाद गोरेलाल यादव, रामीश यादव व अन्य समर्थकों ने कथित रूप से सड़क पर प्रसाद फेंका और नारेबाजी की। प्रशासन ने घटनाक्रम का वीडियो उपलब्ध होने की भी बात कही है।

शांति व्यवस्था भंग करने का मुकदमा

प्रशासन के अनुसार, मामले में शांति व्यवस्था प्रभावित करने के प्रयास को लेकर थाना कोतवाली नगर में मुकदमा संख्या 0467/2026 दर्ज किया गया है। एसडीएम ने अखिलेश यादव के आरोपों पर कहा कि प्रशासन की कार्रवाई धार्मिक आयोजन को रोकने के लिए नहीं, बल्कि ग्राम समाज की बंजर भूमि पर बिना अनुमति निर्माण और आयोजन की तैयारी के संबंध में विधिक स्थिति स्पष्ट करने के लिए की गई थी।

ये भी पढ़ें- बीच गंगा में काल बनी लापरवाही! बिहार के तेरसिया दियारा के पास पलटी नाव, 3 लोग लापता; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

एसडीएम गरिमा सोनाकिया ने कहा कि प्रशासन की कार्रवाई का उद्देश्य जन्माष्टमी आयोजन को रोकना नहीं था। कार्रवाई ग्राम समाज की बंजर भूमि पर बिना अनुमति निर्माण और आयोजन की तैयारी की कानूनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए की गई थी। विवाद के राजनीतिक रंग लेने के बाद जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि संवेदनशील मामलों में बिना सत्यापन किसी भी जानकारी को सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर प्रसारित न करें। प्रशासन का कहना है कि अपुष्ट जानकारी से क्षेत्र की शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

Location :  Sultanpur

Published :  8 September 2026, 5:18 PM IST

Advertisement