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बस की आड़ में गुपचुप निर्माण का आरोप (Img: Dynamite News)
Sultanpur: हाईकोर्ट के स्थगनादेश के बावजूद विवादित परिसर में कथित तौर पर निर्माण किए जाने का मामला सामने आने के बाद सुलतानपुर में फिर हलचल बढ़ गई है। आरोप है कि परिसर में कई शटर लगाए गए और इसके लिए एक निजी शिक्षण संस्थान की बस को मौके पर इस तरह खड़ा किया गया, जिससे निर्माण का काम बाहर से आसानी से नजर न आए।
मामले की शिकायत प्रख्यात कवि पद्मश्री रामनरेश त्रिपाठी के वयोवृद्ध पौत्र जयंत त्रिपाठी ने जिलाधिकारी से की थी। उन्होंने विवादित परिसर में कथित अवैध निर्माण कराए जाने का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत दी। शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सदर को जांच के निर्देश दिए।
एसडीएम सदर के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई। जांच के बाद राजस्व निरीक्षक सुनील कुमार मिश्रा की तहरीर पर संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
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शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हाईकोर्ट के स्थगनादेश के बावजूद विवादित परिसर में निर्माण की गतिविधियां जारी रहीं। कथित तौर पर कई शटर लगाए गए। आरोप यह भी है कि निर्माण कार्य को छिपाने के लिए निजी शिक्षण संस्थान की बस को परिसर के पास खड़ा किया गया था।
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यह विवाद नया नहीं है। जानकारी के मुताबिक, इसी परिसर में निर्माण को लेकर वर्ष 2023 में भी कार्रवाई हुई थी। उस समय रोक के बावजूद कथित निर्माण और सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोप में तत्कालीन राजस्व निरीक्षक आईपी सिंह की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। अब एक बार फिर नए निर्माण की शिकायत सामने आने के बाद मामला गरमा गया है। राजस्व विभाग की कार्रवाई और एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपों की जांच कर रही है।
Location : Sultanpur
Published : 30 September 2026, 1:22 PM IST