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पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण देश में रसोई गैस की किल्लत बढ़ गई है। जिस वजह से कई राज्यों में गैस के लिए मारामारी मची हुई है। जमाखोरी और कालाबाजारी के कारण गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतार दिख रही हैं।
रसोई गैस की किल्लत पर भाकपा का आरोप
सोनभद्र: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण देश में उत्पन्न रसोई गैस की किल्लत का असर आम जनजीवन पर दिखने लगा है। जमाखोरी और कालाबाजारी ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। जिसके चलते गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतार दिख रही हैं।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के उत्तर प्रदेश राज्य कार्यकारिणी सदस्य एवं सोनभद्र जिला कौंसिल के जिला सचिव कामरेड आर.के. शर्मा ने जनपद में रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडरों की बढ़ती कालाबाजारी, जमाखोरी और उपभोक्ताओं को हो रही परेशानियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने इस संबंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से शासन-प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। कामरेड आर.के. शर्मा ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देकर घरेलू उपभोक्ताओं की अनदेखी नहीं की जा सकती।
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सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह आम जनता को प्राथमिकता देते हुए रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करे। उन्होंने आरोप लगाया कि जनपद की कई गैस एजेंसियों ने ऑनलाइन बुकिंग और घर-घर सिलेंडर की डिलीवरी लगभग बंद कर दी है, जिससे उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
भाकपा नेता के अनुसार उपभोक्ताओं को मजबूरन गैस गोदामों से ऊंचे और मनमाने दामों पर सिलेंडर लेना पड़ रहा है, जिससे कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल आपूर्ति की कमी का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें प्रशासनिक लापरवाही, अदूरदर्शिता और कुछ स्तरों पर संभावित मिलीभगत भी शामिल हो सकती है।
उन्होंने बताया कि इस समस्या का असर केवल आम परिवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि होटल, ढाबा और छोटे व्यवसाय भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की रसोई पर संकट गहराता जा रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
अंत में भाकपा ने प्रशासन से मांग की है कि गैस एजेंसियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए, कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए तथा उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए नियमित रूप से होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।