हिंदी
चंद्रनाथ रथ और शुभेंदु अधिकारी
Badaun: पश्चिम बंगाल के चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच में उस समय अजीब मोड़ आ गया, जब संदिग्ध की तलाश में उत्तर प्रदेश पहुंची बंगाल पुलिस खुद ही रास्ता भटक गई। हाई प्रोफाइल केस की जांच कर रही टीम को संभल जिले के गुन्नौर इलाके में दबिश देनी थी, लेकिन गूगल मैप की तकनीकी गड़बड़ी के कारण टीम सीधे बदायूं पहुंच गई। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस महकमे में तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि बंगाल पुलिस की विशेष टीम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद चर्चाओं में आए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच के सिलसिले में उत्तर प्रदेश आई थी। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि इस मामले से जुड़ा एक अहम संदिग्ध उत्तर प्रदेश के गुन्नौर क्षेत्र में छिपा हो सकता है।
गूगल मैप ने दिखाया गलत रास्ता
जांच टीम ने गुन्नौर की लोकेशन खोजने के लिए गूगल मैप का सहारा लिया। लेकिन मैप ने टीम को संभल की जगह सीधे बदायूं पहुंचा दिया। पुलिस टीम बदायूं पुलिस मुख्यालय पहुंची और स्थानीय अधिकारियों से संपर्क कर संदिग्ध के बारे में जानकारी मांगी। तभी पूरे मामले का खुलासा हुआ।
असल में गुन्नौर पहले बदायूं जिले की तहसील हुआ करता था, लेकिन वर्ष 2011 में संभल को नया जिला बनाए जाने के बाद गुन्नौर को संभल में शामिल कर दिया गया। माना जा रहा है कि पुरानी भौगोलिक जानकारी या मैप अपडेट न होने के कारण यह भ्रम पैदा हुआ।
बदायूं पुलिस ने बताई सही लोकेशन
इस पूरे मामले की पुष्टि बदायूं की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने भी की। उन्होंने बताया कि बंगाल पुलिस की टीम चंद्रनाथ रथ हत्याकांड के एक संदिग्ध की तलाश में आई थी, लेकिन मैप के कारण गलत जिले पहुंच गई। बाद में उन्हें सही जानकारी देकर संभल के लिए रवाना किया गया।
एसएसपी के मुताबिक बदायूं पुलिस ने संभल पुलिस को भी पहले से अलर्ट कर दिया था ताकि जांच टीम को वहां सहयोग मिल सके।
संभल में भी नहीं मिला कोई सुराग
बदायूं से सही जानकारी मिलने के बाद बंगाल पुलिस की टीम तुरंत संभल के गुन्नौर पहुंची। वहां स्थानीय पुलिस की मदद से कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। टीम ने घंटों तक इलाके में छानबीन की और कुछ लोगों से पूछताछ भी की।
हालांकि तमाम कोशिशों के बावजूद पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला। न तो संदिग्ध हाथ लगा और न ही कोई अहम सबूत मिल पाया। देर शाम तक चली कार्रवाई के बाद टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा।
तकनीक पर अंधविश्वास बना चर्चा का विषय
इस घटना के बाद पुलिस महकमे में यह चर्चा तेज हो गई है कि तकनीक पर आंख बंद कर भरोसा करना कभी-कभी जांच को प्रभावित कर सकता है। सूत्रों का मानना है कि अगर टीम सीधे सही लोकेशन पर पहुंचती तो शायद संदिग्ध तक पहुंचना आसान हो सकता था।
Location : Badaun
Published : 9 May 2026, 7:49 PM IST