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सीतापुर में 18 साल बाद मिला इंसाफ (image Source: Dynamite News)
Sitapur: करीब 18 साल तक चली कानूनी लड़ाई के बाद महोली के चर्चित ट्रक खलासी हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशीष जैन ने हत्या के मामले में राजा नाई और अश्वनी कुमार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह मामला वर्ष 2008 का है, जब ट्रक में खलासी के रूप में काम करने वाले अरविंद सिंह यादव का शव चार दिन बाद गांव में बरामद हुआ था।
मामले की शुरुआत पांच फरवरी 2008 को हुई थी। महोली-बड़ागांव मार्ग पर एक ट्रक की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसी दौरान ट्रक में खलासी के रूप में मौजूद अरविंद सिंह यादव को राजा नाई और रजवापुर निवासी अश्वनी कुमार अपने साथ ले गए थे। इसके बाद अरविंद संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया।
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परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। घटना के चार दिन बाद यानी नौ फरवरी 2008 को अरविंद का शव ग्राम रजवापुर में बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना से परिवार में हड़कंप मच गया। इसके बाद मृतक के पिता श्रीपाल सिंह ने महोली थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी और बेटे की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की और जांच पूरी होने के बाद मुकदमा न्यायालय में पहुंचा। इसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई। करीब 18 साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के दौरान अदालत में साक्ष्य और गवाहों के बयान प्रस्तुत किए गए।
मुकदमे की सुनवाई के बीच एक आरोपी की मृत्यु हो गई थी। इसके चलते उसके खिलाफ न्यायिक कार्यवाही समाप्त कर दी गई। वहीं, राजा नाई और अश्वनी कुमार के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई जारी रही। अदालत में दोनों आरोपियों के खिलाफ मामले से जुड़े साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार किया गया।
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मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशीष जैन ने राजा नाई और अश्वनी कुमार को हत्या का दोषी ठहराया। अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
करीब 18 साल पुराने इस हत्याकांड में अदालत का फैसला आया है। लंबे समय से चल रहे इस मामले में मृतक के परिवार को न्यायिक प्रक्रिया के तहत राहत मिली है।
Location : Sitapur
Published : 4 November 2026, 6:27 PM IST